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WEST BENGAL WINTER SEASON 2022–पूरे प्रदेश में पारे का गिरना जारी

जिलों में 22 से कम रहेगा तापमान, इस सीजन में पहली बार कोलकाता में दैनिक औसत एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में

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WEST BENGAL WINTER SEASON 2022--पूरे प्रदेश में पारे का गिरना जारी

WEST BENGAL WINTER SEASON 2022--पूरे प्रदेश में पारे का गिरना जारी

BENGAL WINTER SEASON 2022-कोलकाता। देर से ही लेकिन अब कोलकाता समेत पूरे प्रदेश में पारे का गिरना जारी है। जिलों में 22 नवंबर से तापमान कम रहेगा। इस बीच इस सीजन में पहली बार कोलकाता में दैनिक औसत एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में रहा। 2019 की तुलना में इस सर्दियों में प्रदूषण स्तर में 8 फीसदी वृद्धि की संभावना जताई गई है। अलीपुर मौसम विभाग के अनुसार अगले हफ्ते से बंगाल में सर्दी का असर तेज होगा। मौसम विभाग ने कहा कि 22 नवंबर के बाद राज्य भर में पारे में और गिरावट आएगी। जिलों में तापमान कम रहेगा। दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों में बारिश की संभावना है। सुबह कुछ स्थानों पर हल्का कोहरा और ओस पड़ेगी। शुक्रवार सुबह न्यूनतम 18 और अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ कोलकाता कोहरे की आगोश में रहा और लोगों को सर्दी का अहसास हुआ। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि अगले कुछ दिनों तक कोलकाता में तापमान सामान्य से कम रहेगा। दक्षिण बंगाल के विभिन्न जिलों में भी पारा लुढक़ेगा। खासकर पश्चिमी जिलों में तापमान सामान्य से नीचे रहेगा। पुरुलिया, बीरभूम सहित पश्चिमी जिलों में अधिक सर्दी पड़ेगी। पिछले कुछ दिनों से राज्य में पारा धीरे-धीरे गिर रहा है। कोलकाता और आसपास के इलाकों में न्यूनतम तापमान 17-18 डिग्री के बीच बना हुआ है। दक्षिण अंडमान सागर और बंगाल की दक्षिण पूर्व खाड़ी पर बना चक्रवात निम्न दबाव में बदल गया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 24 घंटों के दौरान यह एक गहरे दबाव में बदल सकता है। इसके बाद रविवार-सोमवार को यह आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु तट पर पहुंचेगा लेकिन बंगाल में इसका कोई असर नहीं होगा।
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विक्टोरिया में एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी
इस सीजन में पहली बार कोलकाता में दैनिक औसत एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में रहा। विक्टोरिया मेमोरियल हॉल में सूचकांक बहुत खराब श्रेणी के आसपास रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल हवा की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आ रही है। सीजन में सर्दी के बाद इस साल हवा की गुणवत्ता में गिरावट तेज गति से बढ़ रही है जिसका मुख्य कारण मानवजनित गतिविधियों में महामारी से संबंधित व्यवधान है। आईआईटी दिल्ली के रिसर्च से पता चला है कि शहर के प्रदूषण में 50 फीसदी से अधिक पंजाब, यूपी और बिहार से आने वाले सीमा-पार प्रदूषण का योगदान है। --बोस इंस्टीच्यूट के पर्यावरण विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर अभिजीत चटजी ने कहा कि हमारे अध्ययन ने 2019 की तुलना में इस सर्दियों में प्रदूषण के स्तर में 8 फीसदी वृद्धि की भविष्यवाणी की है। ठोस ईंधन, कोयला और लकड़ी जलाने का प्रदूषण में बहुत योगदान होता है। चारों ओर अंधाधुंध ठोस ईंधन जलाने से एक्यूआई स्तर प्रभावित हो रहा है। हावड़ा की खराब हवा विक्टोरिया के एक्यूआई स्तर को प्रभावित कर रही है। पर्यावरण कार्यकर्ता सोमेंद्र मोहन घोष ने कहा कि पहली बार रवींद्र सरोवर की हवा की गुणवत्ता इतनी खराब हो गई। पूरे दिन एक्यूआई 250 से ऊपर रहा। सुबह हवा में भारीपन महसूस हुआ। अगर रवींद्र सरोबर की हवा इस स्तर तक खराब हो जाती है तो हम अंदाजा लगा सकते हैं कि शहर में कहीं और हवा कितनी खराब है।