
Youth entrepreneur and Indian economy : देश के औद्योगिक और आर्थिक विकास पर क्या कह रहे युवा उद्यमियों
कैसे आएगी आर्थिक विकास में गति
राजस्थान पत्रिका ने वर्ष 2020 के प्रारंभ में भावी दिनों के लिए युवा उद्यमियों की दूरदर्शिता अपने पाठकों से साझा करने के लिए नई श्रृंखला शुरू की है। कोलकाता में भारतीय आधुनिक और समसामयिक कला कृतियों का करोबार कर रही युवा उद्यमी मेघना अगरवाल राजस्थानी प्रवासी है। वे कोलकाता गैलरी की संस्थापक निदेशक और राजस्थान के भीलवाड़ा की मूल निवासी है। उन्होंने राजस्थान पत्रिका के मनोज कुमार सिंह से अपना विजन साझा किया। पेश है उसके मुख्य अंश
कोलकाता .
कला और संस्कृति पश्चिम बंगाल की धरोहर है और युवा उद्यमी मेघना अगरवाल देश की सांस्कृतिक राजधानी कोलकाता में कला का कारोबार करती हैं। अपने पिता माइका के उत्पादन और निर्यात का कारोबार से अपना कैरियर शुरू कर कला के प्रति अपने जुनून को कारोबार बनाने वाली मेघना ने कोलकाता गैलरी की संस्थापक निदेशक हैं। वे विपणन रणनीति को नयापन और लोचदार बनाने और सरकार को बुनियादीढाचा विकसित करने की सलाह दे रही हैं।
वे कहती हैं कि भारत की आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के लिए बुनियादीढाचा का विकास करना निहायत जरूरी है। इसके बिना देश में औद्योगिक विकास की गति संभव नहीं है। इसके अभाव में पर्यटन और अन्य उद्योग का विकास प्रभावित हो रहा है।
कार्यबल को कुशल बनाने की जरूरत
मेघना कहती हैं कि तकनीक उद्योग को तेजी से बदल रहा है। इस कारण उद्योग को कुशल कार्यबल की मांग बढ़ रही हैं। मांग पूरी करने के लिए 65 प्रतिशत युवाओं को कुशल कार्यबल बनाने के लिए स्कूल और कॉलेज के पाठ्क्रमों मेंतकनीक प्रशिक्षण को शामिल किया जाना चाहिए। इससे बेरोजगारी की समस्या कम होगी और उद्यमी पैदा होंगे। वे कहती हैं कि डिजिटलाइजेशन ने कारोबार को बहुत आसान बनाया है और फायदा भी पहुंचाया है। बाजार में टिकने के लिए डिजिटलाइजेशन को अपनाना ही पड़ेगा। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। इसकी गति में और तेजी लानी होगी। इसके साथ ही सरकार को सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के विकास की दिशा में काम करना चाहिए।
मेघना बताती हैं कि लोग दुकान नहीं आते हैं तो कारोबार की सफलता के लिए खुद लोगों तक पहुंचने की रणनीति होनी चाहिए। कारोबार की रणनीति लचीलापन होने के साथ ही नयापन होना चाहिए। कोलकाता में कलाकार और कला है, लेकिन खरीददार नहीं है। यहां कला दीर्घाओं में खरीददार नहीं आते। पेंटिंग बेचने के लिए उन्होंने खुद को ऑन लाईन के जरिए देश-विदेश के खरीददारों तक पहुंचने की रणनीति अपनाई । वे कहती हैं कि इन दिनों आयुर्वेद और योगा संबंधित कारोबार भी नर्ई और वैकल्पिक संभावनाए बन रही हैं। इसे बढ़ावा देने की जरूरत है।
रोजगार के लिए ज्ञान और विशेषज्ञता जरूरी
मेघना कहती हैं मौजूदा समय में रोजगार सृजन के लिए ज्ञान और विशेषज्ञता की बहुत जरूरी है। अब अकुशल कार्यबल का जमाना चला गया है। इस लिए उद्योगों के जरूरत के अनुसार अकुशल कार्यबल को व्यवसायिक प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
Published on:
03 Jan 2020 10:56 pm

