
CG News: मेला मड़ई उत्सव सपूर्ण छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गाँव व शहर में प्रतिवर्ष मनाया जाता है। इस उत्सव के माध्यम से अपने मित्रों एवं दूरदराज में रहने वाले कुटुबियों से व आसपास के गांवों के देवी- देवताओं का मेल-मिलाप भी होता है।

CG News: इस उत्सव को सार्वजनिक रूप में मनाये जाने की लोक-परंपरा है। आजकल छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गॉंव में मेला मड़ई का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

CG News: इस दिन गांव के प्रत्येक देवी देवता जैसे आँगा देव,देव लाट,देवी देवता की पालकी तथा डोली में विराजित देवी देवता फूल माला तथा श्रृंगार करके मेला परिसर की परिक्रमा करते है।

CG News: परिक्रमा करते देवी-देवता को ग्रामीण माता जन तथा सभी आशीर्वाद फूल माला पहनाकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। राउत लोग अपनी मोहरी की धुन तथा नंगाड़ा की ताल के साथ झूमते हुए नृत्य करते है जो बहुत ही आकर्षक लगता है।

CG News: ग्राम कोटवार मनमोहन दास मानिकपुरी से मिली जानकारी अनुसार गांव में दुबलावंड, बाटीबेड़ा,सिंदीगुड़ा ,नांगा गुड़ा जैसे सत्रह गांव के देवी देवता मेला मड़ई में समिलित होते हैं।