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चिरायु से इलाज की लंबी प्रक्रिया के चलते गई एक किशोरी की जान

* संचालक स्वास्थ्य सेवाओं ने लिया संज्ञान जिले जांच के आदेश * पीडि़त के परिजनों ने कहा गंभीर स्थिति होने पर भी क्या प्रक्रिया का पालन करना जूरूरी

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चिरायु से इलाज की लंबी प्रक्रिया के चलते गई एक किशोरी की जान

रायपुर. स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही चिरायु योजना से इलाज के लिए अपनाई जा रही लंबी प्रक्रिया के चलते कोंडागांव निवासी एक 16 वर्षीय किशोरी की गंभीर बीमारी से मौत हो गई। पीडि़त परिजनों का आरोप है कि उनकी बच्ची गंभीर बीमारी से गृसित थी और यदि उसे जल्द इलाज मिल जाता तो वह बच जाती। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने जांच के आदेश दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक कोंडागांव में चिरायु की टीम ने गत 11 मई को 16 वर्षीय एक किशोरी को स्कूलों में जांच के दौरान हृदय रोग की बीमारी से पीडि़त पाया था। टीम ने पाया की बच्ची का जल्द से जल्द इलाज जरूरी है। यह देखते हुए टीम ने 13 मई को आवेदन लेकर इलाज की अनुमति के लिए राज्य नोडल एजेंसी को आवेदन भेजा। गंभीर केस बताने के लिए बाद भी इलाज की अनुमति 15 दिन बाद 28 मई को दी गई। तब तक किशोरी के परिजन उसे लेकर मेकाहारा रायपुर आ गए। उन्हें जानकारी हुई कि बच्ची के इलाज के लिए शासन से अनुमति मिल गई है तो उन्होंने 10 जून को उसे श्री नारायणा हॉस्पिटल में भर्ती कराया। यहां तीन दिन भर्ती रहने के बाद परिजन बच्ची को लेकर कोंडागांव लौट गए, जहां कुछ दिन बाद उसकी मौत हो गई। जब बच्ची की मौत की जाकनारी राज्य स्तर पर हुई तो संचालक स्वास्थ्य सेवाएं शिखा राजपूत तिवारी ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

अनुमति में लगा समय बड़ा सवाल

चिरायु योजना के तहत आंगनबाड़ी या शासकीय स्कूलों में पढऩे वाले ०-१८ वर्ष के बच्चों को गंभीर बीमारी होने पर शासन स्तर पर मुफ्त इलाज कराया जाता है। ब्लॉक कंसल्टेंट स्कूलों में जाकर बच्चों की जांच करते हैं और गंभीर बीमारी पाए जाने पर इसकी जानकारी जिला कंसल्टेंट को देते हैं। इसके बाद राज्य से इलाज की जानकारी मांगी जाती है। अनुमति मिलने के बाद चिरायु के डॉक्टर बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल तक भी ले जाते हैं। उक्त केस में ऐसा नहीं हुआ।

वर्जन-मामले की जानकारी मिलने पर इसमें जांच के आदेश दिए गए हैं। गंभीर केस होने के बाद भी इलाज की अनुमति इतनी देरी से कैसे मिली यह जांच का विषय है।

- शिखा राजपूत तिवारी, संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ शासन