
बिना कनेक्शन बिजली बिल और कोर्ट नोटिस (photo source- Patrika)
CG Electricity Issue: बिना बिजली कनेक्शन के ही एक आदिवासी महिला को उसके बीपी नम्बर का हवाला देते हुए हजारों रुपए का बिजली बिल भेजकर परेशान किये जाने व आदिवासी महिला को हजारों रुपए का बिल अदा करने के नाम पर लोक अदालत का नोटिस भेज कर्मचारियो द्वारा प्रताड़ित करने का मामला संज्ञान में आया है।
जानकारी के मुताबिक केशकाल नगर से सटे हुए ग्राम गौरगांव की सुकन्तीन बाई ने बताया कि, उसे नेशनल लोक अदालत में हाजिर होने 13 सितम्बर 2024 को नोटिस जारी किया गया था। लेकिन उसके बाद अपनी तरफ से विद्युत विभाग के कनिष्ठ यंत्री को दिये गये आवेदन की प्रति दिखाते हुए बताया गया कि, मेरे द्वारा हकीकत से अवगत कराया गया था।
पीड़िता ने बताया कि, 20 मार्च को बिजली विभाग के कर्मचारी घर आये थे और बोल रहे थे अब बिजली बिल बढक़र 19000/ हो गया है। आफिस में आकर समझौता करके बकाया बिजली बिल पटा दो नहीं तो बाद में कार्रवाई हो जायेगा। लोक अदालत के जारी नोटिस में तेरह हजार पैंतीस रूपया बकाया दर्शाया गया था पर अब 20 मार्च को कर्मचारियों ने बताया की अब बिल उन्नीस हजार हो चुका है।
गौर करने वाली खास बात यह है कि विद्युत विभाग द्वारा आज तक कभी भी बिजल बिल नहीं दिया गया है सीधे लोक अदालत का नोटिस भिजवा दिया गया और जो कर्मचारी भी बिजली बिल वसूली के लिए घर पहुंचे वो भी न बिल देते हैं न लिखीत में बकाया बिल की जानकारी देते हैं। और जिस बीपी नम्बर का बकाया बताया गया जाता है उस बीपी नम्बर का विद्युत कनेक्शन उसके घर पर लगा ही नहीं है।
इसलिए सुकन्तीन ने 3 जनवरी 2025 को विद्युत विभाग के कनिष्ठ यंत्री के नाम एक आवेदन बनवाकर वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए यह अवगत करा दिया गया कि, मेरे घर में बीपी नम्बर 1005011507 का न मिटर लगा है न विद्युत कनेक्शन है हमारे घर में जो विद्युत मिटर लगा है उसका बी पी नम्बर 1004797104 है जिसका बिल आता है जिसे मैं लगातार पटा रही हूं।
पीड़िता सुकन्तीन की माने तो मेरे घर कई बार बिजली विभाग के कर्मचारी आकर जांच कर चुके और वो भी यह जान चुके हैं कि मेरे घर में उक्त बी पी नम्बर का मिटर और कनेक्शन नहीं है फिर भी बिजली बिल बकाया होने के नाम पर हलाकान परेशान करते आ रहे हैं जिससे मैं त्रस्त हो चुकी हूं।
Updated on:
26 Mar 2026 09:55 am
Published on:
26 Mar 2026 09:55 am
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