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नक्सलगढ़ में फल-फूल रहा है नकली नोटों का कारोबार, एक ही नम्बर के पांच सौ के तीन नोट बाजार में, पुलिस जांच में जुटी

छत्तीसगढ़ के नक्सलगढ़ इलाके में इन दिनों नकली नोट धीरे-धीरेकर बाजार पैर पसारने लगा है। यह हम नहीं बल्कि पिछले कुछ दिनों से लगातार केशकाल इलाके ऐसे मामले सामने आ रहे है। जिसकी शिकायत भी जागरूक ग्रामीणों ने पुलिस से की है, और पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच में जुटी हुई है।

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नक्सलगढ़ में फल-फूल रहा है नकली नोटों का कारोबार, एक ही नम्बर के पांच सौ के तीन नोट बाजार में, पुलिस जांच में जुटी

छत्तीसगढ़ के नक्सलगढ़ के अंदरूनी इलाकों में हूबहू दिखने वाले नकली नोट सामने आए हैं। इससे पहले भी कई गांव में साप्ताहिक हाट-बाजारों नकली नोटो के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन लोग किसी परेशानी न पड़े इसलिए इसकी शिकायत नहीं करते। ईरागांव व धनोरा थाने में 100 व 500 के ही डुप्लीकेट नोटों के मिलने की रिपोर्ट दर्ज हुई है।

एक ही नम्बर के 500 के 3 डुप्लीकेट नोट दिखाए गए जो कि 2एसक्यू951524 नम्बर के है, इन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा है। इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि इलाके में छोटे नोटों की जगह सीधे-बड़े नकली नोटों को ही खपाया जा रहा है। लेकिन पिछले दिनों केशकाल पुलिस अनुभाग के अंतर्गत ग्राम बिंझे व धनोरा इलाके में नकली नोट मिलने की सूचना के बाद लोगो ने लिखित में इसकी शिकायत ईरागांव थाने में की। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है। लेकिन अब तक पुलिस को कोई ठोस सुराग हाथ नही लगा है।

बड़े पैमाने पर खेला जाता हैं जुआ
पिछले दिनों सूत्र बताते है कि इलाके में जुआ भी बड़े पैमाने पर चलता है, जिसमें न केवल जिले के बल्कि अन्य जिलों के जुआरी भी इसमें शामिल होते है।
असली को नकली बताकर बैक कर्मी ने ही कर दिया नोट को कैंसल
नकली नोटों का मामला समाने आने के बीच ईरागांव थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण आदिवासी किसान धनीराम ने बताया कि, ऐसा ही एक नोट उसके पास भी है, जिसे वह कुछ माह पहले अपनी मक्के की उपज बेचने के बाद एक व्यापारी से लिया था। और जब इस नोट को लेकर वो धनोरा ग्रामीण बैक गए तो वहॉ के कर्मचारी ने नोट को नकली होना बताते हुए उसे कैसिल करते हुए वापस कर दिया। इसके बाद से वह परेशान इसलिए है कि, उसकी मेहनत की कमाई का पैसा नकली निकल गया।
वही जब इस मामले की जानकारी कुछ जागरूक लोगों को लगी तो उन्होंने ग्रामीण से कैसिंल किए नोट लेकर सीधे भारतीय स्टेट बैक के ब्रांच केशकाल पहुंचे जहॉ नोट की जांच में प्रथम दृश्या असली बताया जा रहा है। अब समझ से यह परे है कि, नोट असली है कि, नकली, लेकिन नोट में तो अब कैसिल होने का लेख के चलते उसे कोई दुकानदार या अन्य लेने को तैयार नहीं है। आपको बता दे कि, पिछले कुछ दिनों से धनोरा व इरागांव इलाके में इस तरह के नोट होने के मामले सामने आए है, हालांकि अब जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि, ये नकली नोट इलाके के बाजारों में कैसे फैल रहा है।
अब जांच और रिपोर्ट का इंतजार
लीड बैंकधिकारी पी शुक्ला से हुई फोन से चर्चा में उन्होंने बताया कि, बैक कर्मी को यह अधिकार है कि, यदि नकली नोट की पुष्टि हो जाती है तो उसे तत्काल बैक की सील लगाते हुए उसे जप्त कर लिया जाता है। इसके बाद उच्चधिकारियों के माध्यम से उसे आरबीआई को भेजा जाता हैं। वही यदि तीन से ज्यादा नकली नोट सामने आते है तो पुलिस को सूचना दिया जाता है।
केशकाल के एसडीओपी भूपत सिंह ने बताया कि शिकायत के बाद मामला दर्ज कर जांच की जा रही है, फिलहाल केशकाल इलाके के दो थानों में नकली नोट मिलने की सूचना मिली है।