
Keshkal Murder Case: केशकाल के धनोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चनियागांव के आश्रित ग्राम नीराबेड़ा से पिछले महीने लापता हुए सतउ कुंजाम की लाश पुलिस ने बरामद कर ली है। बताया जा रहा है मृतक द्वारा जादू टोना करने से परेशान गांव के ही दो युवकों ने सतउ कुंजाम की हत्या कर लाश को गांव से लगभग 3 किलोमीटर दूर दफना दिया था। मामले में कोंडागांव सायबर सेल एवं धनोरा पुलिस की कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही शव उत्खनन करवा कर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया गया है।
इस सम्बंध में एडिशनल एसपी रूपेश कुमार डांडे ने बताया कि प्रार्थिया की रिपोर्ट के आधार पर सतउराम कुंजाम की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई। ततपश्चात एसपी वाय. अक्षय कुमार के निर्देशानुसार धनोरा पुलिस व सायबर सेल की संयुक्त टीम गठित कर गुम इंसान की पतासाजी की जा रही थी। इस दौरान गांव के ही दो संदिग्ध युवकों से पूछताछ की गई। जिसमें उन्होंने बताया कि आपसी रंजिश के चलते उन्होंने सतउराम की हत्या कर दी है। साथ ही उसके शव को गांव से कुछ दूर नदी किनारे दफना दिया है। आरोपियों के बताए अनुसार बोकराबेड़ा नदी के किनारे शव बरामद किया गया। जिसे कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में उत्खनन करवा कर पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया है। मामले में अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
बता दें कि इस सम्पूर्ण घटनाक्रम में एक रोचक तथ्य सामने आया है। चूंकि मुख्य आरोपी शिवकुमार फिल्में देखने का शौकीन था। उसने दृश्यम फ़िल्म भी देखी थी, जिससे प्रभावित होकर उसने दृश्यम फ़िल्म की तर्ज पर ही पूरी वारदात को अंजाम दिया है। मृतक के अपहरण से लेकर उसे दफनाने एवं घटना से जुड़े साक्ष्य जैसे मोबाइल, फावड़ा, डंडा, कपड़े आदि को भी बड़ी ही चालाकी से छुपाया था। आरोपी ने स्वयं स्वीकार किया कि उसने दृश्यम फ़िल्म से प्रभावित होकर सम्पूर्ण वारदात को अंजाम दिया है।
आपको बता दें कि मृतक सतउराम कुंजाम अपनी पत्नी राजोनबाई व 4 बच्चों के साथ ग्राम चनियागांव में रहता था। वह आसपास के गांव में जाकर ईंट बनाने का काम करता था। वर्ष 2013 में ग्रामवासियों ने उस पर जादू टोना करने का आरोप लगाते हुए गांव से बहिष्कृत कर दिया था। साथ ही 2022 में वन विभाग के द्वारा वन भूमि पर बने घर को भी तुड़वा दिया गया था। सतउराम का परिवार इन दो समस्याओं से जूझ ही रह था कि विगत 28 मार्च को वह नीराबेड़ा में शादी समारोह से लौटते समय अचानक गायब हो गया। परिजनों द्वारा 3-4 दिनों तक ढूंढने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला, तब जाकर उसकी पत्नी व बच्चों ने धनोरा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
उल्लेखनीय है कि इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस कार्यवाही में धनोरा पुलिस के साथ साथ सायबर सेल की टीम ने भी अहम भूमिका निभाई है। परिणामस्वरूप दोनों आरोपियों शिव कुंजाम उम्र 23 वर्ष एवं मानकु मण्डावी उम्र 22 वर्ष को गिरफ्तार कर धारा 302, 201, 34 भा.द.वि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
सम्पूर्ण कार्यवाही में एसडीओपी भूपत सिंह, निरी. यशवंत श्याम, उ.नि. शशिभूषण पटेल, स.उ.नि गोपाल ठाकुर, रजउ सूर्यवंशी, प्र.आर. अजय बघेल, सुखनंदन पिस्दा, भूपेंद्र साहू, आर. सन्तोष कोड़ोपी, बीजू यादव, विष्णु मरकाम, नेहरू सोम एवं महारम चिरेन्द्र की अहम भूमिका रही।
पुलिस ने हत्या के आरोप में गिरफ्तार मुख्य आरोपी शिव कुमार कुंजाम के भाई सियाराम कुंजाम उम्र 25 वर्ष व मानकु मण्डावी के पिता मंगलराम मण्डावी उम्र 55 वर्ष को भी गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को एडिशनल एसपी रूपेश कुमार डांडे ने केशकाल थाने में प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि सतउराम कुंजाम की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी शिव कुमार एवं मानकुराम से पूछताछ करने पर यह स्पष्ट हुआ कि हत्या करने के बाद उन्होंने अपने घर वालों को इस बात की जानकारी दे दिया था।
लेकिन उनके घर वालों ने भी इस बात को छुपाया। मामले में मुख्य आरोपियों के खिलाफ 302, 201, 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। साथ ही घटना के सम्बंध में जानकारी होने के बावजूद पुलिस की पूछताछ में जानकारी छुपाने के आरोप में मुख्य आरोपी शिव कुमार कुंजाम के भाई सियाराम कुंजाम उम्र 25 वर्ष व मानकु मण्डावी के पिता मंगलराम मण्डावी उम्र 55 वर्ष के विरुद्ध भादवि की धारा 201 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है।
Updated on:
03 May 2024 07:55 am
Published on:
02 May 2024 02:32 pm
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