2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एशियन गेम्स में देश के प्रदर्शन को देख पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने आयोजित की अनोखी प्रतियोगिता

एशियाई गेम्स से प्रभावित होकर पारम्परिक खेलों को बढ़ावा देने गांव में आयोजित की अनोखी प्रतियोगिता
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोंडागांव

•

image

Deepak Sahu

•

Updated: 2 Sep 2018, 4:07 PM IST

kondagaon news

एशियन गेम्स में देश के प्रदर्शन को देख पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने आयोजित की अनोखी प्रतियोगिता

कोण्डागांव . पांरपरिक खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को माकड़ी में जिला स्तरीय युवा महोत्सव आयोजन हाईस्कूल मैदान में हुआ। आयोजन में पहुंची नान अध्यक्ष लता उसेंडी ने कहा कि, खेलकूद व्यक्ति के शारीरिक ,बौद्धिक एवं मानसिक विकास के लिए जरुरी हैं।

आज हमारे देश के छात्र छात्राएं खेलों के माध्यम से देश और दुनिया मे अपना नाम रोशन कर रहे हैं अभी हाल ही में हमारे बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में संचालित स्वामी रामकृष्ण मिशन के एक छात्र का चयन राष्ट्रीय अंडर-19 फु टबॉल टीम में होने से बस्तर संभाग का नाम रोशन हुआ।

वर्तमान में चल रहे एशियन गेम्स में भी अनेक ग्रामीण प्रतिभाओ ने देश के लिए पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया है। इसी प्रकार बस्तर के ग्रामीण अंचलो में अनेक खेल प्रतिभाएं छिपी हुई है जिन्हें सामने लाने के लिए समय-समय पर खेल प्रतियोगिता होते रहने चाहिए।

ने खेल प्रतिभाओं को उभारने के लिए अनेक खेल प्रतियोगिता एवं पुरस्कार देने के साथ-साथ उनके रोजगार की व्यवस्था भी कर रखी हैं। वहीं कलक्टर नीलकंठ टेकाम ने पढ़ाई के साथ-साथ खेल के महत्व को दर्शाते हुए कहा कि, खेल में जीत-हार से अधिक भागीदारी करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां पाठ्य पुस्तक हमें सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करते हैं वहीं खेल मैदानों से हम जीवन के व्यवहारिक ज्ञान सीखने में मदद मिलती है।

पारंपरिक खेलों में सबसे ज्यादा उत्साह महिलाओं में देखने को मिल रहा था। महिलाएं अपने समूहों के साथ मैदान में रस्साखींचने के लिए उतरी। तो दर्शकदीर्घा से तालियों की गडग़ड़हाट होनी लगी इसी दमखम के साथ महिलाओं ने भी रस्साखींच में जोर आजमाईश करते महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। फुगड़ी, गिल्ली डंडा, पिठाईयां, कबड्डी सहित कई विभिन्न खेलों का आयोजन किया हुआ। जिसमें बच्चों के साथ ही युवा व बुजूर्ग सभी एक साथ मैदान में अपनी जीत दर्ज कराने उतरे थे। यह पहला मौका था जब इस तरह का आयोजन जिला बनने के बाद माकड़ी में हुआ हो।

जिले के सभी पंाचों जनपद पंचायतों से यहां पहुंचे छात्र-छात्राओं ने रैम्बों पिटी धमेंद्र यदु के निर्देशन में किया तो वहीं छोटे-छोटे बच्चों ने मल्लखंभ में करतब दिखाया तो यहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। बच्चों की सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भी जमकर तालिंया बटोरी। इस मौके पर संजू पोयाम, सुमित्रा नेताम, लक्ष्मी पोयाम, अनिल अग्रवाल, सरिता पोयाम,डॉ संजय कन्नौजे, एसआर कुर्रे, खेमलाल वर्मा, डिगेश पटेल, राजेश मिश्रा, ललित पोयाम, धरम मरकाम, नंदलाल विश्वकर्मा,अशोक उसेण्डी, मो. ताहीर खान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व अन्य मौजूद रहे।