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भविष्य संवारने शासन ने की नई पहल, अब ऐसे आंबा के बच्चों की भी होगी पढ़ाई, जरुर पढ़ें खबर

पुणे की एक संस्था के द्वारा लगभग तीन सौ पेज की एक पुस्तिका की है तैयार। आंबा के बच्चे शारीरिक गतिविधि से लेकर भाषा व गणित में भी ले सकेंगे नॉलेज।

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ajay shrivastav

Jul 23, 2017

sylabus news in kondagaon

Anganbadi sylabus in kondagaon

कोंडागांव.
आंगनबाड़ी केद्रों तक आने वाले नौनिहालों को अब अपने साथ बस्ता ले जाने की जरूरत आने वाले दिनों में पड़ सकती है। इसके लिए शासन स्तर पर एक योजना बनाई जा रही है। जिसमें अब आगंनबाड़ी केंद्रों में आने वाले तीन से 6 साल तक के छोटे-छोटे बच्चों को सिलेबस के आधार पर पढ़ाई कराई जाएगी। जानकारी के मुताबिक इसके लिए पुणे की एक संस्था के द्वारा बकायदा लगभग तीन सौ से अधिक पेज की एक पुस्तिका तैयार की गई है।


जिला स्तर के अधिकारियों को कर रहे प्रशिक्षित

जिसमें विभिन्न विषयों को शामिल किया गया है। हांलाकि अभी यह प्रशिक्षण जिलास्तरीय अधिकारियों को दिया जा रहा है। इसके बाद नीचे स्तर के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। बताया जा रहा है छोटे-छोटे बच्चों को केवल पोशण आहर देने तक ही सीमित न रखकर अब उनके सर्वार्गिण विकास पर जोर देने की योजना है।


सिलेबस में ये है शामिल

संस्कार अभियान पहला कदम के नाम से आरंभिक बाल्यावस्था शिक्षा गतिविधि कोश के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को अब सिलेबस में शारीरिक विकास, बैद्विक विकास, भाषा विकास, सृजनात्मक विकास, शालापूर्व तैयारी एवं शालापूर्व तैयारी गणित आदि की जानकारी दी जायेगी। प्रशिक्षण लेकर लौटे कार्यक्रम अधिकारी मुक्तानंद खुटे ने बताया कि यह योजना अभी शुरू होने को है।


संस्कार अभियान से संचालित होगा आंबा

यह संस्कार अभियान के नाम से आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित किया जाएगा। फिलहाल कुछ केंद्रों पर यह योजना लागू की जाएगी। वही जिला महिला एवं बालविकास अधिकारी रविकांत धु्रर्वे ने बताया योजना की शुरूआत में जिले में कुछ केंद्रों पर यह लागू किया जाएगा। जहां इस निर्धारित सिलेबस के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई व गतिविधियां कराई जाएगी।