
कोंडागांव. जिले के थाना मर्दापाल क्षेत्र में माओवादियों की लगातार उपस्थिती आवगमन व गतिविधियों के संबंध में सूचनाएं प्राप्त हो रही थी। जिसे ध्यान में रखकर 4 दिसंबर को नवीन कैंप का स्थापना हड़ेली में किया गया था। कैम्प के विरोध में माओवादियों द्वारा 6 दिसंबर को सुनियोजित ढंग से पुलिस व सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से कैम्प में फायरिंग किया गया। तब से हडेली व मर्दापाल क्षेत्र में लगातार सघन गस्त किया जा रहा था।
नेडवाल के जंगल स्थित गुफा में माओवादियों द्वारा आपत्तिजनक सामग्री छिपाई है
वहीं शुक्रवार की दोपहर हडेली कैम्प में फायरिंग की घटना में शामिल फरार आरोपियों की पता तलाश हेतु डीआरजी कोण्डागांव, एसटीएफ, आईटीबीपी की संयुक्त पार्टी गठन कर रवाना किया गया था। गश्त के दौरान सूचना प्राप्त हुई की ग्राम के नेडवाल के जंगल स्थित गुफा में माओवादियों द्वारा आपत्तिजनक सामग्री छिपाई गई है, ऐसे गुफा में संभावित स्थान पर बारिकी से चेक करने पर भारी मात्रा में फ टाके व सीरिंज मिली। बरामद सामाग्री की स्थानीय कीमत 20 से 25 हजार आंकी गई है। पटाखे नए पैकेट में पैक किये गये प्रतीत हो रहें हैं।
पुलिस व सुरक्षा बलों के द्वारा क्षेत्र में लगातार ऐसे गस्त सर्चिग अभियान जारी
ज्ञात हो कि माओवादी ऐसे फ टाकों का इस्तेमाल सुरक्षा बलों के आने-जाने के संकेत देने के लिए करते हैं, जिससे सुरक्षा बलों को सफलता अर्जित करने में बाधा आती है। पुलिस व सुरक्षा बलों के द्वारा क्षेत्र में लगातार ऐसे गस्त सर्चिग अभियान जारी रहेंगे। कैम्प खुलने से माओवादी दबाव महसूस कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों के लिये आशा की किरण जगी है। नवीन कैम्प हडेली स्थापना के बाद पुलिस व सुरक्षा बलों की यह तीसरी सफ लता है।
Updated on:
30 Dec 2017 11:31 am
Published on:
30 Dec 2017 11:01 am
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