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साल में एक बार खुलता है इस मंदिर के द्वार, नि:संतान दंपत्ति की होती है मनोकामना पूर्ण

एक दिन पुर्व से भक्तो का आना शुरू बिहार, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, झारखण्ड के कोने कोने से श्रद्धालु पहुंचे मन्नत मांगने पहुंचे थे।

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साल में एक बार खुलता है इस मंदिर के द्वार

साल में एक बार खुलता है इस मंदिर के द्वार

कोंडागांव/फरसगांव. जनपद पंचायत फरसगांव के ग्राम आलोर की पहाड़ी पर स्थित माता लिंगेश्वरी के गुफा का पाट बुधवार को विधि-विधान के साथ खोला गया। पाट खुलते ही द्वार पर शेर के पदचिन्ह देखने को मिले जिसे मंदिर समिति के सदस्यों ने इलाके के लिए शुभ संकेत माना हैं। समिति के सदस्यों ने शेर माता की सवारी हैं और शेर का पदचिन्ह मिलने से इलाके की खुशहाली व रक्षा का संकेत माना गया। ज्ञात हो साल में एक दफे ही माता ही इस गुफा का द्वार खोला जाता है और शाम होते ही इसे बंद कर दिया जाता हैं। माता की ख्याति अब चहुओर फेल चुकी हैं और यहां आने वाले भक्तों की संख्या भी हर साल बढ़ती ही जा रही है। इसके लिए जहां मंदिर समिति ने अपनी व्यवस्था बना रखी थी वहीं प्रशासन की ओर से भी विशेश व्यवस्था की गई थी।

राज्य के बाहर से भी आए श्रद्धालु
एक दिन पुर्व से भक्तो का आना शुरू हो चुका था जिसमे बिहार, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, झारखण्ड और स्थानीय राज्य के कोने कोने से श्रद्धालु पहुचे मन्नत मांगने पहुचे थे। 12 बजे तक मन्नत मांगने आने वाले जोड़ो की संख्या 496 थी और जिनके मन्नत पूर्ण हुए 241 जोड़ो ने दर्शन कर चुके थे। लिंगेश्वरी माई के दर्शन करने हजारो की संख्या में भक्तजनो ने तीन कि.मी. से अधिक की कतार मे खड़े होकर माँ के दर्शन करते नजर आये।

समस्त ग्राम वासियो का विशेष योगदान रहा
क्षेत्र के विधायक श्री संत नेताम जी व जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री रवि घोष जी व अन्य जनप्रतिनिधियो के द्वारा दर्शनार्थियों के लिए खीर पुड़ी एवं खिचड़ी प्रसाद देर रात तक वितरण किया गया पेयजल की व्यवस्था जगह-जगह स्थानीय समिति और स्कूली बच्चों द्वारा व्यावस्था की गई । लिंगेश्वरी मेले को सफल बनाने के जिला व जनपद स्तर के अधिकारी एक दिन पुर्व से डटे रहे लिंगेश्वरी मंदिर समिति और ग्राम पंचायत आलोर जनपद पंचायत और समस्त ग्राम वासियो का विशेष योगदान रहा तद्पश्चात गायता पुजारी द्वारा मंदिर के गर्भ ग्रह और परिसर की साफ सफाई कर मुख्य द्वार को पत्थरो से एक वर्ष के लिए बंद किया गया।

बिहार के परिवार द्वारा भंडारे का आयोजन
दो वर्ष पुर्व प्रणय अग्रवाल बिहार गया निवासी मन्नत मांगने आये थे और पिछले वर्ष उनकी मन्नत पुर्ण हुई थी स्थानीय लोगो के द्वारा भंडारे के आयोजन को देखते हुए इस वर्ष प्रणय अग्रवाल द्वारा बिहार के गया से पहुँचकर परिवार के साथ सेवा भाव से भंडारे में खिचड़ी और बूंदी प्रसाद वितरण किया ।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का इन्तजाम
यह क्षेत्र पुर्व में नक्लवादी क्षेत्र माना जाता रहा है इस जरिये से 2 दिन पुर्व ही पुलिस बल की सयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण किया गया एक दिन पुर्व आलोर मंदिर परिसर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का इन्तजाम किया गया था। भगदड़ जैसी संभावना से बचने के लिए जगह जगह पर बैरिकेट्स लगाकर भक्तो को रोक रोक कर रात 7 बजे तक भक्त जनो को दर्शन करवाया गया। इधर यातायात पुलिस द्वारा पार्किंग व आवागमन व्यावस्थित करते देखा गया।