
किसानों की मेहनत पर फिरा पानी (photo source- Patrika)
CG News: कोण्डागांव जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान का उठाव उपार्जन केंद्रों से अब तक नहीं हो पाने के चलते अब बे-मौसम हो रही बारिश में यह खुले आसमान के नीचे रखें हजारों बोरो धान भीग रहे हैं। वहीं जिम्मेदारों की माने तो वह इंतजाम करने की बात तो कहते अपना पलड़ा झाड़ रहे हैं, लेकिन नियम-कायदों से क्या वे भी अंजान है जो कि, खरीदी बंद होने के दो माह बाद भी धान का उठाव नही हो पाया है।
जानकरी के मुताबिक जिले में अबतक कुल खरीदी का केवल 37 प्रतिशत ही उठाव हो पाया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि, जिले में हुई खरीदी के बाद कि क्या स्थिति होगी। और इसका खामियाजा किनको झेलना पड़ रहा है। क्योंकि समितियों को पॉलीथिन आदि खरीदी के लिए कोई राशि भी जारी नही किये जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में केवल जुगाड़ से ही केंद्रों में रखे धान को भीगने से बचाने का काम चल रहा है।
समिति प्रबंधकों ने उठाव को लेकर मांग की गई है, समितियो के पास पैसे नहीं है। जिसकी वजह से दिक्कतों का सामना उन्हें करना पड़ रहा है— ललिता मरकाम, नोडलधिकारी
उठाव एक ओर से जारी है, केशकाल इलाके में पहले किया जा रहा है, क्योंकि वहां अधिकता है फिर इधर गति पकड़ेगा— लोकेश देवागन, डीएमओ
सहकारी समिति संघ से जुड़े सदस्यों व पदाधिकारी के द्वारा कई दफे उठाव के संबंध में संबंधित अधिकारियों से मांग तो की गई, लेकिन अब तक कोई उचित व्यवस्था नहीं हो पाई है। जिसके चलते समस्याएं अब भी बरकरार है।
पिछले कुछ वर्षों में भी ऐसी स्थिति सामने आती रही है, जहां खरीदी के बाद धान का समय पर उठाव नहीं हो पाने से बारिश या नमी के कारण नुकसान हुआ है। नियमों के अनुसार खरीदी समाप्त होने के बाद निर्धारित समय सीमा में धान का उठाव किया जाना चाहिए, लेकिन जमीनी स्तर पर समन्वय की कमी और संसाधनों के अभाव के चलते यह प्रक्रिया प्रभावित होती है।
असमय बारिश की स्थिति में यह समस्या और गंभीर हो जाती है, क्योंकि खुले में रखे धान को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त तिरपाल, शेड या अन्य संसाधनों की जरूरत होती है। कई बार समितियों को इसके लिए पर्याप्त बजट या सामग्री नहीं मिल पाती, जिससे नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। इस तरह की लापरवाही का सीधा असर किसानों और सरकारी व्यवस्था दोनों पर पड़ता है, क्योंकि खराब हुए धान की गुणवत्ता गिरने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
Updated on:
20 Mar 2026, 1:05 PM IST
Published on:
20 Mar 2026, 1:04 PM IST
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