
५० लाख से अधिक के काम का करना होता है टेंडर
गौरतलब है कि 14 वें वित्त और जिला पंचायत के विकास निधि के ब्याज की राशि करीब तीन करोड़ 29 लाख 6 हजार रुपए के कार्यों को बिना सामान्य सभा की बैठक के अफसरों ने 29 कार्यों को स्वीकृत कर दिया था। आदेश में सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में भी इसे लेकर सहमति नहीं ली गई थी। इसका विरोध करने पर पीछे साल अक्टूबर में सभी स्वीकृत कार्यों को रोक दिया गया था। जिला पंचायत सीईओ ने आदेश जारी कर आगामी आदेश तक कार्यों पर रोक लगा दी गई। एक साल बाद भी ब्यॉज की राशि का उपयोग नहीं हो पा रहा है।
जिम्मेदार अफसरों पर नहीं हुई कार्रवाई
मामले का खुलासा होने के बाद तत्काल रुप से नियम विरूद्ध स्वीकृत कार्यों पर रोक लगाते हुए जिम्मेदार अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। एक साल बीतने के बाद भी किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी है।
इन कार्यो को दी गई थी मंजूरी
- सतरेंगा पर्यटन स्थल में शेड निर्माण 5.28 लाख
- कोरबा जंप दफ्तर में पेचर ब्लॉक 9.61 लाख
- जनपद कार्यालय कोरबा में अतिरिक्त कक्ष 3.64 लाख
- धनरास पंचायत में सीसी रोड निर्माण 15 लाख
- धनरास पहुंच मार्ग के लिए सीसी रोड 15 लाख
- नगोई बछेरा में सामुदायिक भवन निर्माण 19.90 लाख
- नगोईबछेरा में पुलिया सह रिटर्निंग वॉल 19.90 लाख
- अखरापाली में सीसी रोड का निर्माण 19 लाख
- अखरपाली मे मुक्तिधाम निर्माण 5 लाख
- . पताढ़ी में अहाता औैर सीसी रोड 17.45 लाख
सदस्यों की मांग सभी क्षेत्र को बराबर पैसा मिले
जिला पंचायत के सभी सदस्यों की मांग है कि सभी क्षेत्रों को बराबर पैसा मिले। पूर्व में अफसरों ने अपने हिसाब से राशि खर्च करने के लिए कार्यों को स्वीकृत किया था। अधिकारी अपने दफ्तरों केा सजाने में 13 लाख स्वीकृत किया था। इसी तरह तीन ग्राम अखरापाली, नगोईबछरा, धनरास और पताढ़ी में ही खर्च करना चाह रहे थे।
कई जगह काम भी हो गए, 1.60 करोड़ खर्च भी
एक तरफ सीईओ ने कार्यों पर रोक लगा दी थी तो दूसरी तरफ रोक लगाने से पहले ही जनपद पंचायत कोरबा में पेवर ब्लॉक लगाने व अतिरिक्त कक्ष का निर्माण करीब 13 लाख की राशि से हो चुका है। वहीं धनरास में सीसी रोड का निर्माण भी हो गया है। अब इन कार्यों के लिए राशि कैसे वापस होगी, इसे लेकर अफसर असमंजस में है। वहीं जिन ठेकेदारों ने काम किया था वे भी बिल के लिए परेशान हो रहे हैं। करीब 1.60 करोड़ खर्च भी हो चुका है। मामला हाइकोर्ट में विचाराधीन है।
Published on:
07 Aug 2022 09:14 pm
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