
25 लाख रुपए खर्च कर गांव में बनाया हेल्थ सेंटर,जाने के लिए रास्ता तक नहीं
कोरबा. जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है ग्राम खोड्डल। यह गांव अन्य ग्रामों के समान है। लेकिन यहां कराए गए कुछ विकास कार्य प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोलते हैं।
गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो। इसके लिए खोड्डल में लगभग २५ लाख रुपए की लागत से सब हेल्थ सेंटर का निर्माण कराया गया। भवन बने कई माह पूरे हो गए हैं। लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं है। गेट पर ताला लगा हुआ है और आसपास छोटी छोटी झाडिय़ां उग गई है। बातचीत ग्रामीण घनाराम खांडे ने बताया कि हेल्थ सेंटर चालू नहीं हुआ है। खनिज न्यास की राशि से गांव में सब हेल्थ सेंटर का निर्माण किया गया है। इसके लिए ऐसे स्थान का चयन किया गया, जहां तक आने के रास्ता तक नहीं है। अस्पताल तक मरीज चार पहिया गाडिय़ों में नहीं पहुंच सकते हैं। दुपहिया से हेल्थ सेंटर का सफर भी मुश्किल भरा है। यहीं नहीं ग्रामीणों ने यह भी बताया कि ठेकेदार ने अस्पताल का कॉलम टेढ़ा कर दिया है। निर्माण कार्य संतोष जनक नहीं है। खांडे ने यह भी बताया कि गांव की सड़कें जर्जर हो चुकी है। इसकी मरम्मत की जरूरत है। इसके बिना सब हेल्थ सेंटर तक पहुंचना मुश्किल है। उन्होंने सड़क बनाने की मांग प्रशासन से की है। यह हाल उस गांव की है, जिसे लैंको ने विकास के लिए गोद लिया है। गांव की अधिकांश आबादी अनुसूचित जाति बाहूल्य है। ऐसे गांवों में सुविधाएं मुहैया कराने पर सरकार भी जोर देत रही है। लेकिन खोड्डल की कहानी विकास की कुछ तस्वीर बयां कर रही है।
सांसद व कलेक्टर पहुंचे फिर भी चालू नहीं हुआ
कुछ दिन गांव में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें सांसद बंशीलाल महतो और कलेक्टर कैसर अब्दुल हक भी पहुंचे थे। ग्रामीणों ने दोनों को सब हेल्थ सेंटर से अवगत कराया। वहां तक पहुंचने के लिए रास्ता बनाने की मांग की। केन्द्र को भी चालू करने की आवाज उठाई। मौके पर दोनों ने सब हेल्थ सेंटर को चालू करने का आश्वासन दिया। कई माह गुजर गए। लेकिन हेल्थ सेंटर चालू नहीं हो सका है। इससे ग्रामीण इलाज के लिए भटकते रहते हैं।
सौर पंप लगा, ऑफ करने का बटन लगाना भूल गया विभाग
कोरबा. सरकारी योजनाएं जमीन पर किस तरह दम तोड़ रही है, किसी से छिपी नहीं है। एक और योजना के बारे में बता देते हैं। खोड्डल में स्वास्थ्य केन्द्र के बाजू ने क्रेडा विभाग ने एक सौर पंप लगाया है। इसका मकसद अस्पताल व गांव में पानी पहुंचाना है। पंप चालू रहता है, लेकिन अफसरों की एक लापरवाही सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। क्रेडा ने लोहे की एंगल पर करीब 20 फीट का टॉवर खड़ा किया। उस पर सिंटेक्स लगाया। सिंटेक्स के ऊपर सौर प्लेट लगा दी, लेकिन विभाग के अफसर मोटर को बंद करने के लिए ऑफ बटन लगाना भूल गए। इसका असर यह हो रहा है कि कि खोड्डल में अस्पताल के बाजू में लगा पंप दिन भर चलता है। पंप तब तक चलता है, जब तक सूर्य का प्रकाश रहता है। अंधेरे में पंप बंद हो जाता है। दिन भर पानी व्यर्थ का बहता है। ग्रामीणों का कहना है कि पंप लगने के बाद ऑफ बटन नहीं था। इसकी जानकारी विभाग को दी गई थी, तब अफसरों ने यह कहकर हाथ खड़ा कर लिया कि बटन लगाना भूल गए हैं। बाद में लगा दिया जाएगा। कई माह गुजर गए लेकिन बटन लगा।
Published on:
20 Sept 2018 12:01 am
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