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एनटीपीसी कोरबा की 38 साल पुरानी तीसरी यूनिट ने किया शानदार प्रदर्शन, हासिल किया 101 फीसदी से अधिक वार्षिक पीएलएफ

Korba. एनटीपीसी ने वित्तीय वर्ष 2021- 22 में शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले साल की तुलना में 14.6 फीसदी वृद्धि दर्ज करते हुए अपने ग्रुप का अब तक का अधिकतम 360 बिलियन यूनिट दर्ज किया है।

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एनटीपीसी कोरबा की 38 साल पुरानी तीसरी यूनिट ने किया शानदार प्रदर्शन, हासिल किया 101 फीसदी से अधिक वार्षिक पीएलएफ

NTPC KORBA UNIT

इस अवधि के दौरान एनटीपीसी ग्रुप ने एक ही दिन में अधिकतम 1215.68 मिलियन यूनिट (ग्रुप) और 1013.45 मिलियन यूनिट (एनटीपीसी) का अधिकतम उत्पादन दर्ज किया। कोयला आधारित प्लांट्स ने 88.8 फीसदी के उपलब्धता कारक के साथ 70.7 फीसदी का पीएलएफ का दर्ज किया। स्टैंडअलोन आधार पर, एनटीपीसी ने वित्तीय वर्ष में 299 बिलियन यूनिट का उत्पादन किया। इस दृष्टि से कंपनी ने पिछले साल की तुलना में 10.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है।


वित्तीय वर्ष 22 में एनटीपीसी ग्रुप की कुल इन्सटॉल्ड क्षमता 4.7 फीसदी बढ़कर 3130 मेगावॉट अतिरिक्त क्षमता के साथ 68940 मेगावॉट तक पहुंच गई है। स्टैंडअलोन आधार पर एनटीपीसी की क्षमता 4.1 फीसदी बढ़कर 54575 मेगावॉट तक पहुंच गई है।
एनटीपीसी की जमनीपाली कोरबा और उत्तर प्रदेश में एनटीपीसी सिंगरौली, जिन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। कोरबा यूनिट-3 और सिंगरौली यूनिट-4, दोनों की शुरूआत 38 साल पहले हुई ने क्रमश: 101 फीसदी और 99 फीसदी सालाना पीएलएफ (प्लांट लोड फैक्टर) दर्ज किया है। यह उत्कृष्ट प्रदर्शन न सिर्फ एनटीपीसी के इंजीनियरों की प्रतिभा और विशेषज्ञता को दर्शाता है बल्कि इसके संचालन एवं रखरखाव तथा तकनीकी प्रणालियों में आधुनिक प्रथाओं की भी पुष्टि करता है।

कंपनी अपने नव्यकरणीय पोर्टफोलियो को लगातार बढ़ा रही है। इसे गुजरात में कच्छ के रण में सबसे बड़े 4750 मेगावॉट नव्यकरणीय ऊर्जा पार्क की स्थापना के लिए नवीन एवं नव्यकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से अनुमोदन मिल गया है। उम्मीद है कि एनटीपीसी राजस्थान में 10,000 मेगावाट क्षमता की स्थापना करेगी, जसके लिए आश्य पत्र जारी कर दिया गया है। एनटीपीसी ने 2032 तक 60 गीगावाट नव्यकरणीय ऊर्जा क्षमता इन्सटाल करने के नए लक्ष्य हासिल करना है।

हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में विस्तार
इस साल एनटीपीसी ने हरित हाइड्रोजन, अपशिष्ट से ऊर्जा एवं ई-मोबिलिटी जैसे नए कारोबार क्षेत्रों में भी अपना विस्तार किया। भारत के सबसे बड़े विद्युत उत्पादक ने 2032 तक शुद्ध ऊर्जा घनत्व में 10 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य भी रखा है। एनटीपीसी ने ऊर्जा पर संयुक्त राष्ट्र की उच्च स्तरीय वार्ता के तहत अपने ऊर्जा काम्पैक्ट लक्ष्यों की घोषणा भी की है। एनटीपीसी ऊर्जा कॉपैक्ट लक्ष्यों की घोषणा करने वाले दुनिया के कुछ ही संगठनों में से एक है।