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90 बोरी सरकारी चावल की अफरातफरी, प्रशासन ने किया खुलासा

कोरबा. सरकारी चावल की अफरा तफरी का एक बड़ा मामला प्रशासन की पकड़ में आया है। प्रशासन की एक टीम ने ४५ क्ंिवटल चावल को जब्त किया है। इसकी खरीदी सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान से की गई थी। गाड़ी में भरकर सरगबुंदिया भेजा जा रहा था। इस बीच टीम ने धर दबोचा।

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90 बोरी सरकारी चावल की अफरातफरी, प्रशासन ने किया खुलासा

90 बोरी सरकारी चावल की अफरातफरी, प्रशासन ने किया खुलासा

एसडीएम सीमा पात्रे ने बताया की रविवार को सुबह 10.00 बजे गौ माता चौक के पास आकस्मिक जांच के दौरान वाहन सीजी 12 बीजी 4173 को तहसीलदार मुकेश देवांगन और खाद्य निरीक्षक उर्मिला गुप्ता ने पकड़ लिया।
लोड चावल के संबंध में चालक से पूछताछ की गई। उसने चावल परिवहन से संबंधित कोई बिल प्रस्तुत नहीं किया। चावल प्लास्टिक की बोरियों में भरा हुआ था। इसपर किसी भी चावल विक्रेता का नाम अंकित नहीं था। जांच के लिए गाड़ी को कलेक्टर परिसर में लाया गया।

सपर 90 बोरियों में लगभग 45 क्ंिवटल चावल होना पाया गया। चावल मालिक एवं वाहन मालिक किशन गोयल मौके पर उपस्थित हुआ। चावल क्रय विक्रय का बिल प्रस्तुत किया गया। प्रशासन की जांच में प्रस्तुत बिल में कई खामियां पाई गई है। इस पर आगे की जांच चल रही है।

फोर्टीफाइड चावल मिक्स होना पाया गया
परीक्षण रिपोर्ट अनुसार अरवा चावल में 0.5 प्रतिशत फोर्टीफाइड चावल (एफआरके) मिक्स होना पाया गया। फोर्टीफाइड युक्त अरवा चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित किये जाने वाला चावल है। किशन गोयल उम्र 40 वर्ष निवासी अग्रोहा मार्ग कोरबा एवं उनके चालक चेतन यादव के पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी प्रशासन कर रहा है।

प्रशासन ने कराई जांच तो बाहर आई सच्चाई
चावल का परीक्षण नागरिक आपूर्ति से कराया गया। एक- एक किलो चावल के तीन नमूने तैयार किए गए। किशन गोयल के द्वारा प्रस्तुत चावल खरीदी बिल एवं बिकी बिल घटना उपरान्त प्रस्तुत की गई है। इसमें चावल विक्रेता की पहचान उल्लेखित नहीं है। बिल में मुबारक ट्रेड मार्क का चावल बिकी करने का चिन्हांकित है। जबकि वाहन में परिवहन किया जा रहा चावल के प्लास्टिक बोरे में उक्त फर्म के नाम का कोई पहचान अंकित नहीं है। किशन ने अपने बयान में स्वीकार किया है कि वह चावल का व्यापारी है। चावल स्वयं के वाहन में अपने गोदाम से लोड कराकर सरगबुंदिया भेजा जा रहा था।