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बैंक अधिकारी बनकर दोनों भाई करते थे ये घिनौना काम, बिलासपुर पुलिस ने कोरबा के एक होटल से किया गिरफ्तार

आरोपी दोनों भाइयों ने चकरभाठा थाना क्षेत्र के चार लोगों से बैंक अधिकारी बनकर लाखों की ठगी की है।

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कोरबा

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Shiv Singh

Jun 29, 2018

बैंक अधिकारी बनकर दोनों भाई करते थे ये घिनौना काम, बिलासपुर पुलिस ने कोरबा के एक होटल से किया गिरफ्तार

बैंक अधिकारी बनकर दोनों भाई करते थे ठगी, बिलासपुर पुलिस ने कोरबा के एक होटल से किया गिरफ्तार

कोरबा/बिलासपुर. बैंक अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह के दो सदस्योंं को बिलासपुर पुलिस ने कोरबा के एक होटल से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने एटीएम फ्राड का कारोबार झारखण्ड से पंजाब तक फैले होने का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों से नकदी, मोबाइल व सिमकार्ड बरामद किए हैं।

पुलिस ने बताया कि एटीएम फ्राड के एक मामले में झारखंड के अलगचुआ से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी कलीम अशरफ पिता मौलाना नौशाद और रिजवान अंसारी पिता मसूद अंसारी ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि वे पंजाब के भटिंडा निवासी अंकित व मोहित गर्ग के लिए काम करते हैं।

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साइबर सेल की मदद से एटीएम फ्राड करने वाले आरोपियों के मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर रही थी। टीम को पंजाब के फतेगढ़ अंतर्गत गोविंदगढ़ निवासी विशाल गोयल पिता प्रेम गोयल व उसके भाई आशु गोयल के बारे में जानकारी मिली। दोनों एक पेशी की तारीख पर कोरबा आए थे। एक होटल में ठहरे थे।

बिलासपुर पुलिस ने घेराबंदी करके दोनों को पकड़ लिया। उन्हें लेकर बिलासपुर पहुंची। पुलिस ने आरोपियों से 40 हजार 482 रुपए नकदी, आठ मोबाइल, 27 सिमकार्ड, पांच एटीएम कार्ड, पेन कार्ड, दो आधार कार्ड और जेट एयरवेज का दिल्ली से रायपुर का बेर्डिंग पास जब्त किया है। आरोपियों के मोबाइल नंबरों का मिलान करने पर पता चला कि आरोपी दोनों भाइयों ने चकरभाठा थाना क्षेत्र के चार लोगों से बैंक अधिकारी बनकर लाखों की ठगी की है।

स्नोस्फेयर के संग्रहण का झांसा देकर ढाई लाख की ठगी
वहीं दूसरी ओर स्नोस्फेयर के संग्रहण का झांसा देकर भू- विस्थापित कल्याण समिति जर्वे के पदाधिकारियों ने कोरबा के एक व्यापारी से ढाई लाख रुपए ठग लिए। पुलिस ने समिति के अध्यक्ष, सचिव सहित तीन के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि ठगी के आरोप मेें भू- विस्थापित कल्याण समिति सर्वे के अध्यक्ष शशिकला यादव, सचिव चंदन और सदस्य गोरेलाल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।

आरोपियों का पुराना परिचय कोरबा के व्यापारी जय सोनी के साथ था। अप्रैल 2017 में शशिकला, चंदन और गोरेलाल कोरबा आकर जय सोनी से मिले थे। उसे बताया था कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के तेंदूभाटा संयंत्र से स्नोस्फेयर निकालने का निविदा जारी हुआ है। इस कार्य के लिए उनकी समिति ने टेंडर भरा है। कार्य मिलने की पूरी संभावना है। स्नोस्फेयर के कार्य को करने के लिए समिति के पास अनुभव, संसाधन और पैसा नहीं है।

इस कार्य में पैसे लगाने के लिए जय को तैयार किया। उनके बीच एक अनुबंध हुआ। इसके अनुसार समिति कार्य अपने नाम पर लेती लेकिन इसे जय पूरा करता। शर्त के अनुसार भू- विस्थापित कल्याण को कार्य लेने के लिए जय ने ढाई लाख रुपए ईएमडी की राशि सौंप दी। जय ने उक्त पैसे अपनी पत्नी की अकाउंट से दिया था। कई माह बीत गए लेकिन जय को समिति ने काम नहीं दिया।

पूछताछ करने पर समिति जय को आश्वासन देने में लगी रही कि वर्क आर्डर नहीं मिला है। जय को संदेह हुआ। उसने अपने स्तर पर पतासाजी की। जानकारी मिली कि भू- विस्थापित जन कल्याण समिति जर्वे को कंपनी ने कार्य सौंप दिया है। समिति ने इस कार्य को एक अन्य व्यक्ति अविनाश कुर्रे अध्यक्ष हमारा संकल्प समिति तहसील रोड, वार्ड क्रमांक 11 मणिशंकर निवासी ग्राम खिसोरा तहसील अकलतरा जिला जांजगीर चांपा को इकरारनामा करके सौंप दिया है। जय को ठगी का पता चला। उसने ठगी की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई है।

पुलिस ने भू- विस्थापित जन कल्याण समिति जर्वे की अध्यक्ष शशिकला, सचिव चंदन और सदस्य गोरेलाल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस छानबीन कर रही है। उसका कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। ठगी का शिकार व्यापारी पॉवर हाउस रोड कोरबा का निवासी है।