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अमृतम् जलम् : जनप्रतिनिधियों व क्षेत्रवासियों को एकजुट कर तालाब की स्वच्छता के लिए किया गया जागरूक

- रविवार को पत्रिका समूह की सामाजिक सरोकार में अमृतम जलम् महाअभियान की शुरूआत पोड़ी बहार तालाब से की गयी।

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कोरबा

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Shiv Singh

May 14, 2018

अमृतम् जलम् : जनप्रतिनिधियों व क्षेत्रवासियों को एकजुट कर तालाब की स्वच्छता के लिए किया गया जागरूक

कोरबा . पत्रिका समूह के अमृतम जलम अभियान अंतर्गत रविवार को पोड़ी बहार तालाब की साफ- सफाई की। जनप्रतिनिधियों व क्षेत्रवासियों को एकजुट कर तालाब की स्वच्छता के लिए जागरूक किया गया। रविवार को पत्रिका समूह की सामाजिक सरोकार में अमृतम जलम् महाअभियान की शुरूआत की पोड़ी बहार तालाब से की गयी।

सफाई कार्यक्रम में पार्षद, युवाओं व स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। युवा तालाब में गैंती, फावड़ा व अन्य सफाई के सामान लेकर सुबह 8:30 बजे से तालाब पहुंचे थे। उसके बाद सफाई कार्य प्रांरभ किया। 10:30 बजे तक सफाई अभियान चलता रहा। ढेड़ से दो घंटे के श्रमदान से तालाब की सफाई की गयी। इस दौरान युवाओं को तालाब से गंदगी निकालते देख कर अन्य लोगों ने श्रमदान किया।

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तालाब से जलकुंभी, घास, पॉलिथीन, विसर्जित मूर्ति, कांच की शीशी एवं गंदगी निकाली गयी। कुछ युवाओं ने तैर कर तालाब के बीच में जाकर जलकुंभी निकाला। तालाब पारंपरिक जल स्रोत का माध्यम है। इसमें सामाजिक कार्यक्रम से लेकर पूजा-अर्चना के लिए पानी का उपयोग किया जाता है। गर्मी के क्षेत्र में लोगों को पानी की समस्या अधिक होती है, लोग निस्तारी के लिए तालाब का उपयोग करते हैं। तालाब का पानी गंदा होने से लोगों को काफी परेशानी होती थी।

स्थानीय लोगों ने बताया कि तालाब का पानी जुलकुंभी से पटा हुआ था। पचरी पर गंदगी व लंबे-लंबे घास थे। अमृतम् जलम् के इस अभियान लोग जागरूक हुए। इसके अलावा समय-समय पर स्वयंसेवकों ने अपना श्रमदान करने के लिए संकल्प लिया है। तालाब के पानी का उपयोग पूरे साल भर करते हैं। समीप ही मुक्ति धाम में लोग सामाजिक कार्यक्रम करने पहुचंते है।

क्षेत्रवासियों ने कहा कि हम तालाब की सफाई के लिए जनप्रतिनिधि व सफाई कर्मचारी पर ही निर्भर रहते है, जबकि यह हमारी जिम्मेदारी है। तालाब का उपयोग क्षेत्रवासी करते हैं। लोगों को पारंपरिक जल स्रोत को साफ रखने के लिए पे्ररित करना चाहिए। इस कार्यक्रम में पार्षद प्रदीप राय जायसवाल, सुरेन्द्र यादव, विवेक भारद्वाज, वीरु कांत आदि ने अपना सहयोग दिया। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि जल स्रोतों को बचाया जा सके।