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ग्रामीण पर एक मादा भालू ने किया हमला, संघर्ष के बीच दो शावक भी पीछे से टूट पड़े, फिर ग्रामीण ने इस तरह बचाई जान

तरह से घायल ग्रामीण को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है

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ग्रामीण पर एक मादा भालू ने किया हमला, संघर्ष के बीच दो शावक भी पीछे से टूट पड़े, फिर ग्रामीण ने इस तरह बचाई जान

ग्रामीण पर एक मादा भालू ने किया हमला, संघर्ष के बीच दो शावक भी पीछे से टूट पड़े, फिर ग्रामीण ने इस तरह बचाई जान

कोरबा. ग्रामीण पर पहले एक मादा भालू टूट पड़ी। ग्रामीण उससे संघर्ष कर ही रहा था कि पीछे से दो शावक भी उस पर टूट पड़े। बुरी तरह से घायल ग्रामीण को जब लगा कि उसका बच पाना मुश्किल है तब सांसें रोककर लेट गया। भालू उसे मरा हुआ समझ कर लौट गए। बुरी तरह से घायल ग्रामीण को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोरकोमा के मातमार गांव का रहने वाला श्यामलाल राठिया ने बताया कि वह सुबह 6 बजे अपने भतीजे की बारात जाने के लिए निकला था। इस दौरान गांव के पास टिकरा में उसका सामना मादा भालू से हो गया।

मादा भालू ने उसे जमीन पर गिरा दिया। वह उससे संघर्ष कर ही रहा था कि पीछे से दो भालू शावक भी उस पर टूट पड़े। जब उसे लगा कि अब वह नहीं बच पाएगा तो वो सांस रोककर जमीन पर लेट गया। भालू उसके करीब पहुंचे। कुछ देर आसपास मंडराने के बाद उसे मरा समझकर लौट गए। बुरी तरह घायल ग्रामीण इसके बाद बेहोश हो गया। बेहोशी की हालत में खेत में पड़ा हुआ था।

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सुबह खेत पर काम करने जा रहे लोगों की नजर पड़ी तब उसे अस्पताल लाया गया। इस हमले में श्यामलाल के दोनों हाथ और सिर पर गहरे जख्म आए हैं। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज जारी है।

जंगल में मानव के बढ़ते दखल से जंगली जानवर आक्रामक होने लगे हैं। इसके पहले भी जंगल में लकड़ी सहित अन्य जरूरी वनोपज को एकत्र करने गए लोगों पर भालू कई बार हमला कर चुके हैं। वनमंडल में हाथियों के चहलकदमी बढऩे से भी ग्रामीण दहशत में हैं।