कोरबा. केजी टू में पढऩे वाली स्नेहा मंगलवार को अपने पापा के ऑफिस पहुंची। अपने पापा की चेयर पर बैठ कर कामकाज देखा । पापा उसे कम्प्यूटर पर थोड़ा-बहुत समझाते रहे और बेटी खुशी-खुशी समझती रही। पत्रिका टीम ने स्नेहा बिटिया को बुकें देकर स्वागत किया।
स्नेहा के पिता राजेश कुमार कोरबा पत्रिका में रिपोर्टर हैं। पत्रिका समूह द्वारा चलाए जा रहे बिटिया वर्क अभियान के तहत बेटी स्नेहा मंगलवार को टीपी नगर स्थित पत्रिका कार्यालय आयी थी। उस वक्त कार्यालय में प्रिंट व डिजिटल से जुड़े काम हो रहे थे। पहली बार अपने पिता के कार्यस्थल पर पहुंची स्नेहा ने बताया कि वह मुड़ापार स्थित निजी स्कूल में केजी टू की छात्रा है।
बेटियां परिवार ही नहीं, समाज, देश और दुनिया के भी सुनहरे भविष्य की गंगोत्री हैं। आज स्कूल और कॉलेज में पढ़ रहीं बेटियों में से ही कुछ और मदर टेरेसा, इंदिरा गांधी, किरण बेदी, कल्पना चावला, सानिया मिर्जा या इदिरा नूई निकलकर नई रोशनी बिखेरेंगी। इसी सद्भावना को ध्यान में रखकर पत्रिका समूह ने अपने संस्थापक श्रद्धेय कर्पूरचन्द्र कुलिश की 84वीं जयंती पर 20 मार्च को अनूठा अभियान ‘बिटिया इन ऑफिस’ आयोजित किया। इसके तहत देश-प्रदेश के कई शहरों में विभिन्न कम्पनियों के अधिकारी/ कर्मचारी नौ से 19 साल की बेटियों को लेकर दफ्तर पहुंचे। पिता के कामकाज से रू-ब-रू होना बेटियों के लिए नया अनुभव था। उनके चेहरों पर उत्साह था, रोमांच भी छलक रहा था।
आप भी लें इसमे हिस्सा
बिटिया@ work अभियान 30 सितंबर तक चलेगा। इसके लिए आप अपने बेटी को कार्यस्थल तक ले जाएं, उसे अपनी कुर्सी पर बिठाकर काम समझाएं। इस पल की फोटो अपने मोबाइल से खिचवाएं। इसके बाद daughter.patrika.com पर लॉग ऑन करें। मांगे गए सामान्य विवरण भर कर यह फोटो सीधे अपलोड कर दें। अपनी बेटी का अनुभव कमेंट सेक्शन में अवश्य लिखें।