8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

जिन्हें दिए थे उम्मीद से बंपर वोट, वे नहीं आते हाल-चाल लेने, समस्याओं से जूझ रहा पूरा क्षेत्र

कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भी हैं

2 min read
Google source verification

कोरबा

image

Shiv Singh

Sep 15, 2018

कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भी हैं

कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भी हैं

पाली. आदिवासी बाहुल्य वाले पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। वर्तमान में यहां से कांग्रेस विधायक राम दयाल उइके हैं। वे कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भी हैं और पार्टी का आदिवासी चेहरा भी। सरकार कांग्रेस की बनी तो दावेदारी सीएम की भी है।

वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में पाली तानाखार विधानसभा क्षेत्र में कई बूथों में भाजपा तो कई बूथों पर कांग्रेस ने लंबी लीड ली थी। परिणाम से अनजान मतदाताओं ने इस उम्मीद वे एकतरफा वोट दिया था कि उनके गांव, बस्ती की सूरत संवरेगी लेकिन इतना लंबा वक्त बीत जाने के बाद मतदाताओं की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं और वोट के लिए फिर नेता नजर आने लगे हैं।


पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र में तुमान बूथ पर कांग्रेस ने 648 मत पाकर भाजपा से लीड थी लेकिन आज भी इस गांव की हालत ठीक नहीं है। यहां सड़क और बिजली की समस्या लगातार बनी हुई है। हालांकि लोग खुलकर न तो कांग्रेस और न ही भाजपा की शिकायत करते हैं लेकिन उन्हें यह जरूर दर्द है कि विकास के नाम पर उनके गांव के साथ छलावा किया गया है।
भाजपा ने पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र के हरनमुड़ी में बूथ क्रमांक 503 मतों से लीड की थी। ग्रामीणों का कहना है कि लेकिन आज भी इस गांव की हालत ठीक नहीं है।

यहां सड़क और बिजली की समस्या लगातार बनी हुई है। हालांकि लोग खुलकर न तो कांग्रेस और न ही भाजपा की शिकायत करते हैं लेकिन उन्हें यह जरूर दर्द है कि विकास के नाम पर उनके गांव के साथ छलावा किया गया है।
------------
दुरेना में कांग्रेस की थी लीड पर भूले नेता, भाजपा भी कर रही है अनदेखी
कटघोरा/दीपका. कोरबा जिले की चार विधानसभा सीटों में से सिर्फ कटघोरा सीट ही भारतीय जनता पार्टी के कब्जे में है। यहां से लखन लाल देवंागन विधायक हैं और सरकार में संसदीय सचिव हैं। उन्होंने यह सीट कांग्रेस के दिग्गज नेता बोध राम कंवर को हरा कर जीती थी।


आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न दलों के दावेदार कटघोरा में जनसंपर्क क रहे हैं लेकिन पिछले चुनाव में मतदाताओं के रुख को देखें तो उन्होंने कई बूथों पर कांग्रेस तो कई बूथों पर भाजपा को अधिक वोट दिए। इन सभी की अपनी उम्मीदें थीं। कुछ मतदाता बदलाव चाहते थे तो कुछ समस्याओं से छुटकारा। बूथवार आकलन करें तो कटघोरा विधानसभा क्षेत्र में कांग्र्रेस ने ग्राम पंचायत दुरैना के पोलिंग बूथ से 101 से 506 वोट पाकर लीड की थी जबकि भाजपा को यहां महज 131 वोट ही मिल पाए थे। इस बूथ पर कुल वोट 922 पड़े थे।

आगामी विधानसभा चुनाव की आहट के बीच जब पत्रिका टीम ने इस ग्राम पंचायत दुरैना का दौरा किया तो हालात अच्छे नहीं दिखे। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता बोधराम कंवर को वोट दिया था कि गांव के हालात बेहतर होंगे लेकिन वे हार गए। गांव वालों ने बताया कि सड़क पूरी तरह से बदहाल है और प्राथमिक शाला का अब तक उन्नयन नहीं किया। ऐसे में बच्चे आगे की पढ़ाई के लिए अन्यत्र जाने के लिए मजबूर हंै।

गांव में पानी की टंकी भी बनी है लेकिन इसका लाभ नहीं मिल रहा है। दीपका नगर पालिका की सीमा से लगे हुए इस गांव को विकास की दरकार है।