यह सुनकर मशीन के कर्मचारी ने पैसे लेने से सीधे तौर पर मना तो नहीं किया, लेकिन भीड़ का हवाला देकर दुकान के कर्मचारी को किनारे कर दिया। काफी देर इंतजार के बाद भी सिक्के एटीपी मशीन में जमा नहीं हुए, तो कर्मचारी सिक्कों को लेकर वितरण कंपनी के इंजीनियर के पास पहुंचा। उनसे समस्या बताई । इंजीनियर ने भी थोड़ी देर इंतजार करने को कहा। कई घंटे इंतजार के बाद भी पैसे जमा नहीं हुए, तो दुकान के कर्मचारी सिक्कों को लेकर वापस चला गया। हालांकि दुकानदार सिक्कों को लेकर बिल जमा (Electricity bill) करने क्यों भेजा था, इस पर बात करने को तैयार नहीं है। दुकानदार ने सिर्फ इतना कहा कि जो होना था हो गया है। मैं तुल नहीं देना चाहता।