
video:- सेंट्रल वर्कशॉप का बजट 3.61 करोड़ से घटाकर 1.44 करोड़ किया, इसलिए बंद हुआ संडे
कोरबा. रविवार को सेंट्रल वर्कशॉप की गेट पर सन्नाटा पसरा था। कर्मियों की चहल पहल नहीं थी। गेट पर एक सुरक्षा गार्ड मौजूद था। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि रविवार को वर्कशॉप पूरी तरह बंद है। पूछने पर गेट के बाहर मंदिर के पास बैठे एक कर्मचारी ने बताया कि करीब 38 साल बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि कास्ट कटिंग के नाम पर प्रत्येक रविवार वर्कशॉप को बंद करने का निर्णय लिया गया है। यह श्रमिक हितों पर हमला है।
संडे ड्यूटी और ओवर टाइम बंद होने पर हिन्द मजदूर संघ के जनरल सेक्रेटरी ए विश्वास ने बताया कि एसईसीएल प्रबंधन ने वर्कशॉप की बजट में भारी कटौती की है। वर्ष 2017- 18 में वर्कशॉप को रविवारीय ड्यूटी और ओवर टाइम के लिए तीन करोड़ 61 लाख रुपए का बजट दिया गया था। चालू वित्तीय वर्ष 2017- 18 के लिए कंपनी ने वर्कशॉप को महज एक करोड़ 44 लाख रुपए आवंटित किया है। वर्कशॉप का स्थानीय प्रबंधन बजट खत्म होने का हवाला देकर कर्मचारियों की संडे ड्यूटी और ओवर टाइम को बंद कर दिया है। पहली बार ऐसा हुआ है, जब कर्मचारियों की सभी संडे ड्यूटी बंद की गई हो। डब्ल्यूसीएल के समय वर्कशॉप के कर्मचारियों ने लंबी लड़ाई लड़ी थी। इसके बाद संडे ड्यूटी चालू हुई थी। उन्होंने बताया कि एसईसीएल प्रबंधन के निर्णय का कड़ा विरोध किया जाएगा। इसके लिए चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति बनाई जा रही है। पहले चरण में गेट मीटिंग चल रही है। दूसरे चरण में काला फीता लगाकर विरोध किया जाएगा।
- वर्कशॉप में अफसरों की पीआरपी में भारी बढ़ोत्तरी
एक तरफ एसईसीएल प्रबंधन ने कर्मचारियों के ओवर टाइम और रविवारीय ड्यूटी में भारी कटौती की है तो दूसरी तरफ वर्कशॉप में काम करने वाले अफसरों की पीआरपी के लिए बजट में भारी बढ़ोत्तरी। 2017- 18 में पीआरपी के लिए 22 लाख रुपए का प्रवधान किया गया था। चालू वित्तीय वर्ष में पीआरपी के लिए दो करोड़ 74 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। श्रमिक नेताओं का कहना है कि एक तरफ प्रबंधन कर्मचारी हितों पर हमला कर रहा है, दूसरी तरफ अफसरों की सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की जा रही है।
Published on:
30 Sept 2018 07:39 pm
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