
CG Dengue: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मौसमी बीमारी डेंगू से प्रभावित मरीजों की संख्या में धीरे-धीरे कमी आ रही है। लेकिन मौसम में उतार-चढ़ाव और कुछ समय के अंतराल पर हो रही बारिश के कारण जल जमाव की स्थिति बनी हुई है। इससे स्वास्थ्य विभाग को आशंका है कि पॉजिटिव मरीजों की संख्या एक बार फिर बढ़ सकती है। इसे ध्यान में रखकर विभाग लोगों को अलर्ट कर रहा है। अपील कर रहा है कि वे अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें।
CG Dengue: बारिश के इस सीजन में डेंगू से प्रभावित मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। जनवरी से अभी तक शहर और उपनगरीय इलाकों में 258 लोग इस बीमारी से पीड़ित पाए गए हैं। सबसे अधिक मरीज जुलाई और अगस्त के महीने में मिले हैं वह भी एसईसीएल मुख्य अस्पताल के सामने स्थित मुड़ापार बस्ती और सुभाष ब्लॉक क्षेत्र में है। विभाग का कहना है कि धीरे-धीरे इस क्षेत्र में पॉजिटिव मरीजों की संख्या घट रही है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी आ रही है।
CG Dengue: विभाग की ओर से बताया गया है कि पूर्व में डेंगू के टेस्ट को लेकर जब सेंपल लिए जाते थे और रिपोर्ट जारी होता था तब एक साथ कभी 10 तो कभी 16 पॉजिटिव मरीज आते थे जो अब घटकर काफी कम हो गया है। एलिजा टेस्ट के सेंपल में अब एक-दो मरीज ही निकल रहे हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग को लगता है कि बीमारी धीरे-धीरे नियंत्रित हो रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने मौसम में हो रहे बदलाव को लेकर लोगों को अगाह किया है और कहा है कि बारिश का पानी अपने घरों के आसपास जमा न होने दें। जिससे डेंगू का मच्छर पनप नहीं सके। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से नियमित तौर पर अपने आसपास साफ-सफाई रखने के लिए भी कहा है।
इधर मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण मौसमी बीमारी डेंगू के अलावा जलजनित अन्य बीमारियों व वायरल ने भी लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है। सबसे अधिक सर्दी, खांसी के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। वायरल बुखार से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं।
इस साल डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज मुड़ापार और इसके आसपास के क्षेत्रों में मिले हैं। इस क्षेत्र में पॉजिटिव मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डेंगू का हॉटस्पॉट माना जा रहा था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस क्षेत्र में डोर टू डोर संपर्क किया और इस कार्य में नगर निगम की मदद ली गई। पॉजिटिव मरीजों के घर कूलर के पानी की जांच की गई जिसमें डेंगू का लार्वा मिला। अधिकांश पॉजिटिव मरीजों के घर किए गए जांच में पता चला कि संबंधित लोगों ने अपने कूलर का पानी गर्मी खत्म होने के बाद भी बाहर नहीं निकाला।
लंबे समय तक कूलर में पानी के स्थिर होने से डेंगू का मच्छर पैदा हुआ। उनके यहां लार्वा भी मिले थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया और लोगों को इस बीमारी को लेकर जानकारी दी गई। सावधानी बरतने के लिए कहा गया। इस बीच मौसम में भी उतार-चढ़ाव जारी रहा। कई दिन तक बारिश नहीं होने और एक जगह पर एकत्र पानी में दवा का छिड़काव करने के बाद लार्वा को मारने में मदद मिली। इससे डेंगू के मरीजों की संख्या में कमी देखने को मिल रही है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया है कि डेंगू के वायरस से बचने का एकमात्र उपाय मादा एंडिज मच्छर से बचना है। इसके इलाज के लिए कोई दवा नहीं है बल्कि सावधानी बरतने और मच्छर से दूर रहकर ही इस बीमारी से बचा जा सकता है। एंडिज मच्छर लोगों को दिन में काटता है और ठहरे हुए पानी में पनपते हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया है कि अपने आसपास पानी को न ठहरने दें और कचरे का ढेर न लगने दें।
●सिर में तेज दर्द और बुखार
●मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
●आंख के पीछे दर्द होना और आंख घुमाने पर दर्द का बढ़ना
●घबराहट के साथ उल्टी होना
●गंभीर मामलों में नाक, मुंह और मसूड़ों से खून आना
●त्वचा पर चकते उभरना
Updated on:
29 Sept 2024 02:39 pm
Published on:
29 Sept 2024 02:36 pm
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