
जिले के 72 मतदान केंद्रों में किसी भी टेलीकॉम कंपनी का नेटवर्क नहीं करता काम, हाथियों के भय के साए में ग्रामीण करेंगे वोट
कोरबा. जिले के कुल १०७५ मतदान केन्द्रों में से ७२ केन्द्र ऐसे हैं जहां कोई कनेक्टिविटी नहीं है। यहां किसी भी टेलीकॉम कंपनी का नेटवर्क काम नहीं करता। ऐसे में मतदान वाले दिन यदि इन केन्द्रों की मशीनों कोई खराबी आई तो प्रशासन के समक्ष बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है। इसके अलावे ये मतदान केंद्र हाथी प्रभावित क्षेत्रों में भी हैं। यदि यहां के स्थिति की बात करें तो धान की फसल कट रही रही, अधिकांश किसानों की फसल अभी खेत में ही है, इन हालात में यदि हाथी या हाथी दल खेत में फसल की लालच में संबंधित केंद्र तक पहुंचता है तो परेशानी हो सकती है।
हलांकि प्रशासन का कहना है कि इस मामले में भी पूरी तैयारी की गई है, हाथियों के लोकेशन पर लगातार नजर रखी जाएगी, साथ ही हाथी मित्र दल को भी एलर्ट किया गया है। पर इन सब तैयारियों से इस बात की गारंटी नहीं मिलती है कि यदि केंद्र तक हाथी या उसका दल पहुंचा तो सुरक्षा के तहत क्या इंतजाम होंगे। यदि केंद्र की सुरक्षा कर भी ली जाती है तो उन ग्रामीणों की परेशानी का समाधान कैसे होगा जो अपने घर या गांव से निकलकर मतदान केंद्र तक पहुंचेंगे।
20 नवंबर को जिले के सभी चार विधानसभा के मतदान केन्द्रों में वोट डाले जाएंगे। इसकी तैयारी लगभग पूरी की जा चुकी है। सबसे बड़ी चुनौती है बिना कनेक्टिविटी वाले मतदान केन्द्रों में बिना रुकावट के वोटिंग की प्रक्रिया को पूर्ण कराना। हालांकि मतदान दल के साथ पुलिस के जवानों के साथ ही सशस्त्र सुरक्षाबल मौजूद रहेंगे। प्रशासन ने योजना बनाई है कि पुलिस के जवानों के पास मौजूद वायरलैस सिस्टम के जरिए ही वह मतदान कर्मियों के संपर्क में रहेंगे। कोई भी खराबी या आपात स्थिति में पुलिस के वायरलैस सिस्टम के जरिए ही मुख्यालय को सूचना दी जाएगी और समस्या के निराकण के लिए मदद मंगवाई जाएगी
मतदान दल के कर्मी आशंका से परेशान
मतदान दल के अंतिम चरण का प्रशिक्षण भी अंतिम चरण में है। सभी को १९ नवंबर को जानकारी मिलेगी कि उनकी तैनाती किस मतदान केन्द्र में लगाई जाएगी। अब मतदान दल के कर्मचारी इस चिंता में हैं कि कहीं उनकी ड्यूटी नो कनेक्टिविटी वाले केन्द्र में न लग जाए।
हाथी प्रभावित क्षेत्र में भी समस्या बरकरार
हाथी प्रभावित क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों में मतदान के एक दिन पहले फॉरेस्ट डिपार्टमेंट द्वारा हाथियों के लोकेशन की जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके अलावा हाथी मित्र दल की भी व्यवस्था की गई है। हाथी प्रभावित क्षेत्रों के लिए ठोस कार्ययोजना के सवाल पर प्रशासन उनके लोकेशन के मॉनिटरिंग की बात कहता है।
-जिन मतदान केन्द्रों में कनेक्टिविटी नहीं है वहां वायरलेस के माध्यम से संपर्क किया जाएगा। प्रारंभिक तौर पर पुख्या तैयारी कर ली गई है- मो. कैसर अब्दुल हक जिला निर्वाचन अधिकारी
Published on:
16 Nov 2018 10:54 am
बड़ी खबरें
View Allकोरबा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
