
ग्रामीण क्षेत्र के केन्द्रों की दीवारों से अनुभागों की डिटेल गायब, मतदाता होंगे भ्रमित
कोरबा. शहर के समीपवर्ती मनदान केन्द्रों में वॉल पेंटिंग के माध्यम से संबंधित केन्द्र का पूरा विवरण दिया गया है, लेकिन शहर के कुछ दूर जाते ही गांव में प्रशासन की मुस्तैदी की कलई खुल जाती है। यहां मतदान केन्द्र का विवरण प्रदान करने के कार्य में केवल खानापूर्ति की गई है। कौन से मतदान केन्द्र में कितने अनुभाग आते हैं। इस बात का उल्लेख केवल शहर के मतदान केन्द्रों तक ही सीमित है।
दरअसल मतदान के पहले संबंधित मतदान केन्द्र की विस्तृत जानकारी मतदान केन्द्र के सामने वाली दीवार पर साफ-साफ पेंटिंग के माध्यम से लिखी जाती है। जिसमें उस मतदान केन्द्र के विधानसभा का नाम क्रमांक, उस मतदान केन्द्र का नाम और क्रमांक, मतदान केन्द्र के संबंधित क्षेत्र जिसमें एक-एक गली-मोहल्ले का नाम(अनुभाग), मतदान तिथि व समय का उल्लेख किया जाता है। लेकिन इस कार्य में जिलेे में जमकर झोल हुआ है। शहर के समीप स्थित मतदान केन्द्रों में अनुभागों का विस्तृत विवरण दिया गया है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र के केन्द्रों की दीवारों से अनुभागों की डिटेल नदारद हैं।
मतदाता भी होंगे भ्रमित
मतदान केन्द्रों में अनुभागों के नामों का उल्लेख होने के कारण मतदाताओं को इस बात की भली-भांती जानकारी मिल जाती है कि उनके मोहल्ले या गली के लिए कौन से मतदान केन्द्र को निर्धारित किया है। कई बार एक ही परिवार के सदस्यों को मतदान केन्द्र अलग-अलग होता है। इसलिए मतदान केन्द्र के समक्ष अंकित अनुभागों के नाम मतदाताओं के लिए काफी कारगर सिद्ध होते हैं।
बचा लिए पेंट के पैसे
मतदान केन्द्र के सामने उस मतदान केन्द्र का पूरा विवरण लिखने का नियम है। लेकिन कई केन्द्रों में अनुभाग का उल्लेख नहीं किया गया है। जिससे पेंटिंग का काम करने वाले पेंटरों द्वारा काफी मात्रा में पेंट बचा लिया गया है। इसलिए इम कार्य में घोटाले की भी संभावना बन रही है।
-निर्वाचन से मिले निर्देशों के तहत मतदान केन्द्रों में पेंटिंग कराए गए हैं। अनुभागों के नामों का उल्लेख करना भी नियम में है, इसकी जानकारी ली जाएगी। हर कार्य के लिए अलग-अलग कर्मचारी व अफसरों को जिम्मेदारी भी दी गई है -बीएस मरकाम, एसडीएम कोरबा
Published on:
13 Nov 2018 08:53 pm
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