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मैनेजर को फोटोकॉपी कराना पड़ा महंगा, पलक झपकते ही हो गई इतने लाख की उठाइगिरी, पढि़ए खबर…

- घटना ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में प्रेस कॉम्पलेक्स के सामने स्थित एक फोटो कॉपी दुकान में हुई

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मैनेजर को फोटोकॉपी कराना पड़ा महंगा, पलक झपकते ही हो गई इतने लाख की उठाइगिरी, पढि़ए खबर...

कोरबा . टेबल पर बैग रखकर फोटो कॉपी कराना एक मैनेजर को महंगा पड़ गया। उठाइगीर बैग उठा ले गए। मैनेजर को मालूम नहीं हुआ।
उठाइगिरी की यह घटना ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में प्रेस कॉम्पलेक्स के सामने स्थित एक फोटो कॉपी दुकान में हुई। लालूराम कॉलोनी निवासी हरीश चन्द्र त्रिपाठी 45 सोमवार को गोपाल फोटो कॉपी दुकान में कुछ दस्तावेज की डुप्लीकेट कॉपी कराने लगा। रुपए से भरे बैग को फोटो कॉपी दुकान में एक टेबल पर रख दिया। हरीश फोटो कॉपी कराने में व्यस्त हो गया। बैग से उसका ध्यान हट गया। इस बीच उठाइगीर बैग लेकर फरार हो गया। हरीश को भनक तक नहीं लगी।

फोटोकॉपी कराने के बाद हरीश की नजर टेबल की ओर गई। बैग गायब था। उसने आसपास खोजबीन की। घटना से पुलिस को अवगत कराया। मामले की छानबीन जारी है। हरीश राजधानी बस सर्विस का मैनेजर है। सोमवार को उसने एक बैंक से एक लाख रुपए निकाला था। 20 हजार रुपए उसके पास पहले से थे। बैग में एक लाख रुपए रखा था। इसके अलावा बैग में बस के पेपर, आधार कार्ड आदि अन्य महत्वपूर्ण सामान भी थे। घटना सोमवार दोपहर 12 से एक बजे के बीच की बताई जा रही है। पुलिस उठाइगिरों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

पुलिस को आशंका है कि उठाइगीर हरीश का पीछा कर रहे होंगे। पुलिस सीसी टीवी कैमरे की जांच की भी बात कह रही है। बैंक से भी मामले की जांच के लिए जानकारी ली जाएगी। घटना से हरीश परेशान है। पैसे ही नहीं बैग में महत्वपूर्ण दस्तावेज भी थे, इसे दोबारा हासिल करना मुश्किल होगा।

बढ़ रही घटनाएं
जिले में चोरी, उठाइगिरी व लूट की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। पुलिस सख्ती के साथ कार्रवाई नहीं करती, इसके कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ होता है। उसे कानून का डर नहीं होता। बैंकों में भी लापरवाही बरती जाती है। करीब-करीब शहर में सभी बैंकों के अपने एटीएम लगे हुए हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं है। जबकि इन मशीनों में हर रोज लाखों रुपए डलते हैं। रात्रि गश्त के दौरान भी पुलिस सुस्त नजर आती है। रात 10 बजे के बाद भी उद्दंड प्रवृत्ति के लोग फर्राटे से दोपहिया, चारपहिया वाहन दौड़ाते हैं, पर इन वाहन चालकों को रोक कर पुलिस जांच करना भी मुनासिब नहीं समझती।