
Korba News: राजकिशोर प्रसाद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीट पंपहाउस से पार्षद चुने गए थे। भाजपा के पार्षदों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर राजकिशोर प्रसाद को महापौर के पद से हटाने की मांग की है। कोरबा के महापौर की सीट अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए चुनावी साल (वर्ष 2019) में आरक्षित की गई थी। राजकिशोर प्रसाद ने कोरबा तहसील से फरवरी 2019 में प्रशासनिक अधिकारियों के जरिए अस्थाई जाति प्रमाण पत्र बनवाया था। इसका नंबर 012697 था।
अस्थाई जाति प्रमाण पत्र को अनुविभागीय राजस्व अधिकारी के द्वारा बतौर अस्थाई जाति प्रमाण पत्र के रुप में फरवरी 2019 में 012698 पर अनुमोदन किया गया था। इस जाति प्रमाण पत्र का उपयोग कर महापौर ने कोरबा नगर पालिक निगम की कुर्सी पर दावा किया था। भाजपा के ऋतु चौरसिया को पराजित कर महापौर की कुर्सी हासिल की थी। ऋतु ने महापौर के जाति प्रमाण पत्र को चुनौती दी थी।
इस संबंध में कोरबा जिला प्रशासन को शिकायत दर्ज कराई थी। जिला प्रशासन ने जाति प्रमाण पत्र की जांच के लिए जिला स्तरीय प्रमाण पत्र सत्यापन समिति का गठन किया था। समिति मामले की छानबीन कर रही थी। सोमवार 18 मार्च को समिति ने महापौर के जाति प्रमाण पत्र को प्रथम दृष्टया संदेहास्पद एवं कपटपूर्वक प्राप्त करना माना है। अंतिम जांच होने तक महापौर के अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रमाण पत्र को निलंबित कर दिया है। साथ ही तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के कार्यालय से जारी अस्थाई और स्थाई जाति प्रमाण पत्र के किसी भी प्रकार के हित में उपयोग करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
याचिकाकर्ता ऋतु चौरसिया ने मंगलवार को एसडीएम के कार्यालय से महापौर राजकिशोर प्रसाद के अन्य पिछड़ा वर्ग जाति प्रमाण पत्र को निलंबित करने से संबंधित आदेश का सत्यापित छायाप्रति प्राप्त किया। थोड़ी ही देर में राजकिशोर प्रसाद के जाति प्रमाण पत्र के निलंबित से संबंधित आदेश सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगा।
निगम की वर्तमान राजनीतिक स्थिति
बांकीमोंगरा जोन के पार्षदों के अलग होने से कोरबा नगर निगम में पार्षदों की कुल संख्या 59 रह गई है। इसमें भाजपा के 27 और कांग्रेस के 26 पार्षद हैं। जोगी कांग्रेस के दो और बहुजन समाज पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी के एक-एक पार्षद हैं। दो निर्दलीय पार्षद भी हैं। महापौर का जाति प्रमाण पत्र निलंबित होने के बाद मंगलवार शाम भाजपा के पार्षदों ने कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात की। उनसे राजकिशोर प्रसाद को पद से हटाने की मांग की। इस दौरान ऋतु चौरसिया, हितानंद अग्रवाल सहित भाजपा के पार्षद बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
नेता प्रतिपक्ष ने लगाया गुमराह करने का आरोप
इधर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल ने महापौर राजकिशोर प्रसाद पर शासन और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि सत्यापन समिति के फैसले से सत्य की जीत हुई है।
हाई कोर्ट में देंगे चुनौती
जिला स्तरीय प्रमाण पत्र सत्यापन समिति के फैसले को महापौर ने हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि इस मसले पर कानूनी जानकारों से राय लेकर आगे निर्णय लेंगे।
सत्र न्यायालय में याचिका हुई थी खारिज
महापौर के जाति प्रमाण पत्र को ऋतु चौरसिया ने जिला एवं सत्र न्यायालय में भी चुनौती दी थी। उस समय न्यायालय ने सभी पक्षों सुनने के बाद ऋतु की याचिका को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ ऋतु ने हाई कोर्ट में अपील दायर की। इस पर अभी मामले की सुनवाई हाई कोर्ट में चल रही है। ऋतु की याचिका पर एक दिन पहले ही सुनवाई हुई थी।
पार्षद नरेंद्र ने प्रशासन के निर्णय को सराहा
इधर नगर निगम में वार्ड क्रमांक 16 के पार्षद नरेंद्र देवांगन ने जाति प्रमाण पत्र पर प्रशासन के फैसले की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि महापौर का कार्यकाल झूठ के बुनियाद पर टिकी हुई थी। पूर्व में सत्तारूढ़ दल के इशारे पर राजकिशोर प्रसाद के लिए फर्जी जाति प्रमाण पत्र तैयार कराया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में आने पर यह मसला दूध की तरह साफ हो गया है।
Published on:
20 Mar 2024 04:15 pm

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