
बोनस को लेकर बैठक के लिए प्रबंधन की ओर से ट्रेड यूनियनों को अब तक नहीं आया बुलावा, बताई जा रही ये वजह...
कोरबा. कोयला कर्मियों के बोनस पर चर्चा के लिए शनिवार को दिल्ली में आयोजित होने वाली बैठक टलने के असार हैं। बैठक को लेकर प्रबंधन की ओर से अभी तक ट्रेड यूनियनों को बुलावा भी नहीं आया है। प्रबंधन की रूख से बोनस पर आस लगाए बैठे कोयला कर्मियों को थोड़ी निराशा हुई है। बोनस तय करने बैठक कब होगी? इसकी जानकारी प्रबंधन की ओर से श्रमिक नेताओं को नहीं दी गई है। बैठक टलने की वजह कोल इंडिया में 100 फीसदी एफडीआई के विरोध में यूनियन की ओर से 23 से 27 मई तक प्रस्तावित हड़ताल को बताया जा रहा है। हड़ताल की घोषणा के बाद प्रबंधन बोनस पर चर्चा के लिए बैठक बुलाने से बच रहा है।
पहले प्रबंधन यूनियन के साथ बैठक कर हड़़ताल की नोटिस पर चर्चा करना चाहता है। हड़ताल को स्थगित कराने की कोशिश में लगा हुआ है। इसके लिए कोल इंडिया ने एटक, सीटू, इंटक, एक्टू और एचएमएस को 15 सितंबर को कोलकाता बुलाया है। हालांकि यूनियन की ओर बैठक में शामिल होने या नहीं होने पर संचय की स्थिति बरकरार है। सीटू के महासचिव डीडी रामानंदन ने बताया कि बैठक में शामिल होने का निर्णय अभी नहीं लिया गया है। सभी यूनियन के प्रतिनिधि आपस में बैठकर तय करेंगे कि कोलकाता में आयोजित बैठक में शामिल हुआ जाए या नहीं। बीएमएस को छोड़कर अन्य ट्रेड यूनियन ने 23 सितंबर को कोयला उद्योग में एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है।
24 सितंबर को एक दिन की हड़ताल पांच यूनियन शामिल
कोयला उद्योग में एफडीआई के विरोध में संयुक्त यूनियन की पांच सितंबर को रांची में एक बैठक हुई थी। इसमेंं एटक, इंटक, एक्टू, सीटू और एचएमएस के नेता शामिल हुए थे। बैठक के बाद संयुक्त यूनियन 24 सितंबर को कोयला उद्योग में एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की थी। संयुक्त यूनियन की ओर से हड़ताल नोटिस भी केन्द्रीय कोयला सचिव को दिया जा चुका है। इस नोटिस के बाद कोल इंडिया प्रबंधन का श्रमिक संगठनों से बातचीत करके हड़ताल को टालने की कवायद में जुटा है। इसके लिए श्रमिक नेताओं को 15 सितंबर को कोल इंडिया मुख्यालय में कोलकाता बुलाया गया है। इसके अगले दिन चीफ लेबर कमिशनर की उपस्थित में भी हड़ताल की नोटिस पर चर्चा होनी है।
इधर, हड़ताल की घोषणा करने वाले श्रमिक संगठन तैयारियों में जुट गए हैं। खदानों के बाहर गेट मीटिंग का आयोजन किया जा रहा है। कोयला कामगारों को केन्द्र सरकार के निर्णय से अवगत कराया जा रहा है। कोयला उद्योग में 100 फीसदी एफडीआई आने से उद्योग पर पडऩे वाले असर के बार में श्रमिकों को जागरूक कर हड़ताल में शामिल होने के लिए कहा जा रहा है।
23 से 27 तक बीएमएस भी हड़ताल पर
कोयला उद्योग मेें एफडीआई का विरोध भाजपा समर्थित भारतीय मजदूर संघ भी कर रही है। मजदूर संघ ने कोयला उद्योग में २३ से २७ सितंबर तक हड़ताल की घोषणा की है। मजदूर संघ ने वामपंथी ट्रेड यूनियन का नाम लिए बिना कहा है कि एक दिन की हड़ताल से कुछ नहीं होने वाला है। इस पर अन्य ट्रेड यूनियन के बीच मंथन चल रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 24 की हड़ताल के बाद इंटक, एचएमएस, सीटू और एटक बीएमएस की हड़ताल को नौतिक तौर पर समर्थन दें।
बोनस पर चर्चा के लिए अभी तक प्रबंधन की ओर से कोई सूचना यूनियन को नहीं दी गई है। हड़ताल नोटिस पर चर्चा के लिए प्रबंधन ने 15 सितंबर को कोलकता में यूनियन को बुलाया है। हम लोग आपस में चर्चा कर रहे हैं। बैठक शामिल होने का निर्णय नहीं हुआ है।
डीडी रामानंदन, महासचिव सीटू
Published on:
13 Sept 2019 05:55 pm
बड़ी खबरें
View Allकोरबा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
