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कोल सचिव ने उत्पादन लक्ष्य पूरा करने पर दिया जोर, निर्माणाधीन साइडिंग और सायलो का किया निरीक्षण, अफसरों से ये भी कहा…

-कुसमुंडा खदान में एसईसीएल के अफसरों ने कोयला सचिव को मैप पर खदान की भौगोलिक स्थिति से अवगत कराया

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कोरबा

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Shiv Singh

Feb 09, 2019

कोल सचिव ने उत्पादन लक्ष्य पूरा करने पर दिया जोर, निर्माणाधीन साइडिंग और सायलो का किया निरीक्षण, अफसरों से ये भी कहा...

कोल सचिव ने उत्पादन लक्ष्य पूरा करने पर दिया जोर, निर्माणाधीन साइडिंग और सायलो का किया निरीक्षण, अफसरों से ये भी कहा...

कोरबा. कोल सचिव सुमन्त चौधरी ने कोयला खनन के निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति पर जोर देते हुए कहा कि कोयला देश की जरूरत है। हर घर को रोशन करने के लिए कोयला का उत्पादन जरूरी है। शुक्रवार को कोल सचिव सुमन्त चौधरी ने संयुक्त सचिव आशीष उपाध्याय, कोल इंडिया के चेयरमैन एके झा और एसईसीएल सीएमडी एपी पंडा की उपस्थित में कुसमुंडा खदान का निरीक्षण किया। कोल सचिव ने कुसमुंडा में निर्माणाधीन साइडिंग और सायलो का निरीक्षण भी किया और उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया।

कंपनी को चालू वित्तीय वर्ष में प्रदान के लिए लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कहा। कुसमुंडा खदान में एसईसीएल के अफसरों ने कोयला सचिव को मैप पर खदान की भौगोलिक स्थिति से अवगत कराया। खदान से वर्तमान में कोयला के उत्पादन और भविष्य में होने वाली विस्तार की जानकारी बताया। कोल सचिव ने निर्माणाधीन साइडिंग और सायलो को भी देखा। इसकी जानकारी ली।

इस दौरान निदेशक (कार्मिक) डॉ. आर.एस. झा, निदेशक तकनीकी (संचालन) कुलदीप प्रसाद, निदेशक तकनीकी (योजना/परिचालन) आरके निगम, निदेशक (वित्त) एसपी चौधरी निदेशक (वित्त), मुख्य सतर्कता अधिकारी बीपी शर्मा, गेवरा के महाप्रबंधक एसके पाल, कुसमुडा के महाप्रबंधक यूके सिंह सहित एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे। अधीनस्थ अफसरों से कुसमुंडा खदान में मौके पर चर्चा के बाद सचिव गेवरा हाउस पहुंचे। कोल सचिव ने चेयरमैन, सीएमडी और महाप्रबंधक रैंक के अफसरों से उत्पादन बढ़ाने के लिए सुझाव मांगा। बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे रायपुर के लिए रवाना हुए।

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कुसमुंडा होगा मेगा प्रोजेक्ट
एसईसीएल की कुसमुंडा खदान से चालू वर्ष में करीब ४० मिलियन टन कोयला खनन का लक्ष्य रखा गया है। आने वाले दिन में इसका विस्तार ५० मिलियन टन से अधिक होना है। गेवरा के समक्ष में भी ४५ मिलियन टन का लक्ष्य है। गेवरा लक्ष्य से पीछे चल रहा है। सूत्रों ने बताया कि गेवरा से प्रतिदिन करीब एक लाख ३० हजार टन कोयला का उत्पादन हो रहा है। लक्ष्य तक पहुंचने के लिए गेवरा से प्रतिदिन १.९० लाख टन कोयला खनन की जरूरत है, जो वर्तमान परिस्थितियों में कठिन लग रहा है। दीपका से ३५ मिलियन टन कोयला खनन का लक्ष्य है। तीनों खदानों से ११० मिलियन टन कोयला खनन का लक्ष्य चालू वर्ष में है। अभीतक एसईसीएल लक्ष्य से पीछे चल रहा है। इससे दिल्ली तक हड़कंप मचा हुआ है।

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