
सिंचाई कालोनी के निवासी समस्या लेकर पहुंचे कलेक्टोरेट, कहा- विभागों के बीच सामंजस्य नहीं, इन ग्रामीणों ने भी सुनाई व्यथा
कोरबा. सिंचाई कॉलोनी दर्री का विकास दो विभागों के बीच फंस गया है। सिंचाई विभाग की कॉलोनी होने की वजह से निगम द्वारा यहां कार्य नहीं कराए जाते, तो विभाग द्वारा मूलभूत कार्यों के लिए निगम को दोषी ठहरा दिया जाता है। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 43 के अंतर्गत सिंचाई कॉलोनी दर्री स्थित है। जहां के निवासियों ने सोमवार को कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत की है कि विभागों के बीच सामंजस्य नहीं होने के कारण लोगों को पेयजल, नाली, सफाई व्यवस्था व सड़क जैसी मूलभूत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायत लेकर पार्षद की अगुवाई में वार्ड 43 के पार्षद व जल संसाधन विभाग के आवासीय परिसर के लोग कलेक्टोरेट पहुंचे। इन लोगों को पीने के पानी के लिए जद्दोजहद करना पड़ रहा है। नगर निगम के टैंकर आने के बाद बड़ी मुश्किल से पीने का पानी दिया जाता है, लेकिन टैंकर के पानी से सभी लोगों को पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती। क्षेत्र की सफाई व्यवस्था ठप है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। नालियां जाम हो गई हैं। जनदर्शन में पेयजल, पेंशन, सड़क, राशन सहित विभिन्न समस्याओं के 112 आवेदन आए।
बाढ़ से सौ एकड़ फसल बर्बाद
जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा, ग्राम पंचायत साखो में बारिश ने किसानों के लिए कहर लेकर आया है। लगातार हो रही बारिश से 100 एकड़ से अधिक जमीन पर करीब सौ से छह सौ किसान खेती कर रहे हैं। लेकिन बारिश से क्षेत्र में बाढ़ आ गया। खेत की मेड़ क्षतिग्रस्त हो गई। फसल बर्बाद हो गयी। जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ ै। नुकसान से अवगत कराने भैया लाल, अंजो अंजेर सिंह, विश्वनाथ, अर्जन राम, उमेंद राम, सुमेंद राम, पुसक राम सहित अन्य ग्रामीण किसानों ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे।
पति की मौत की जांच कराने मांग
जनदर्शन में मृतक बुधराम की पत्नी हेम बाई ने पति के मौत की जांच कराने की मांग की है। हेम बाई ने कलेक्टर से शिकायत कर कहा है कि वह ग्राम कछार की निवासी है। विगत १५ जून के कुछ लोग पति को घर से बुला के साथ ले गए थे। चुंकि उसी दिन हमें कहीं जाना था। इसलिए पति को बुलाने मैं माचाडोली गई। जहां बैंक के पास पति व अन्य लोगों से मुलाकात हुई। तब उन्होंने घर लौट जाने को कहा। इसके अगले दिन जानकारी मिली कि पति बुधराम ने माचाडोली में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटना के बाद पुलिस ने पीएम कर शव हमें सौंप दिया लेकिन जिन्होंने पति को घर से बुलाया था। उनका बयान तक दर्ज नहीं किया है। हेमबाई ने पति के साथ किसी अनहोनी की शंका व्यक्त करते हुए। मामले में जांच की मांग की हैं।
दिव्यांग ने मांगी सहायता राशि
रुमगरा शिवनगर से कलेक्टर जनदर्शन में पहुंची पूनम राय ने बताया कि दृष्टिबाधित होने के कारण उसे किसी तरह की नौकरी करने में दिक्कत आ रही है। इसलिए कलेक्टर से सहायता राशि की मांग की है। पूनम ने बताया कि वह अपने घर में किराना दुकान शुरू करना चाहती है। जिसके लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। इसके लिए सहायता राशि की मांग की है। कलेक्टर ने सहायता राशि के बजाय बैंक से लोन लेने का सुझाव दिया है।
Published on:
24 Jul 2018 11:15 am

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