
कोरबा . 22 पहाड़ी कोरवा व बिरोहार जाति के मजदूरों को महाराष्ट्र में ठेकेदार ने बंधक बना लिया है। पहले तो दलालों का गिरोह झांसा देकर ले गए। अब जब मजदूर वापस आना चाहते हैं तो उनसे 50-50 हजार रूपए की डिमांड की जा रही है। परिजनों ने जनदर्शन में कलेक्टर से गुहार लगाकर जल्द वापस लाने की अर्जी दी है।
सोमवार को राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरवा व बिरहोर जनजाति के लेमरू थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवद्वारी ग्राम पंचायत देवपहरी के बिरहोर समुदाय के 15 सदस्य और दलदली के ग्राम टोकाभाठा ग्राम पंचायत अजगरबहार के 7 पहाड़ी कोरवाओं व एक अन्य को महाराष्ट्र में बंधुआ मजदूर बना लिए जाने की शिकायत की गई है।
बंधुआ मजदूरों के परिजनों ने कलेक्टर को सौंपी लिखित शिकायत में बताया है कि कुछ माह पूर्व लक्ष्मी नायक नाम का व्यक्ति उनके गांव पहुंचा और लोगों को कटघोरा में काम दिलाने की बात कही। जिसके झांसे में आकर आदिवासी परिवार के सदस्य उसके साथ चले गए। यहां से उनको महाराष्ट्र ले जाया गया। काफी दिन तक जब परिवार के कमाऊ सदस्य घर नहीं लौटे तो बच्चों व परिजनों ने उनसे संपर्क करने का प्रयास किया। इसी बीच उन्हें पता चला कि महाराष्ट्र के ग्राम अलगर जिला सामली में बंधुआ मजदूर बनाकर काम लिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने परिजनों को यह भी बताया कि उन्हें काफी परेशान किया जा रहा है।
परिजनों ने घर वापस लाने के लिए जब ठेकेदार से संपर्क किया तो ठेकेदार ने उनसे प्रति व्यक्ति 50-50 हजार रुपए की मांग की। पहाड़ी कोरवा व बिरहोर परिवार के लोगों ने बताया कि वे आर्थिक तंगी के बीच जीवन यापन कर रहे हैं। परिवार के कमाऊ सदस्यों को दूसरे राज्य में बंधक बनाकर रखा गया है और अब ठेकेदार उन्हें छोडऩे के लिए पैसे मांग रहा है। जिसे लेकर वे काफी भयभीत है। पीडि़त परिवारों के सदस्यों ने कलेक्टर से मदद की गुहार लगाते हुए बंधुआ मजदूरों को ठेकेदार के चंगुल से छुड़ाने की मांग की है।
ये हैं बंधक
बंधक बनाए गए लोगों में वेदराम पहाड़ी कोरवा, खेल सिंह पहाड़ी कोरवा, सुखूराम, वीर साय, रूप साय, शिव कुमार, इंजोर सिंह बिरहोर, मदन राम बिरहोर, गोविंद सिंह बिरहोर, दिलूराम बिरहोर, जेठू बिरहोर, रत्तूराम बिरहोर, मनसाय बिरहोर, मालिकराम बिरहोर, दयाराम मंझवार, सुनीराम बिरहोर, शांति बाई, फगनी बाई बिरहोर व बसंती बिरहोर बंधुआ मजदूर बनाए गए है।
गांवों में घूम रहे दलाल
इससे पहले भी इस क्षेत्र में दलालों द्वारा अधिक कमाई और रहने खाने का ठिकाने का सपना दिखाकर भोले भाले ग्रामीणों को बाहर ले जाने का मामला सामने आ चुका है। गांव-गांव में इस तरह बेधड़क कई दलाल घूम रहे हैं। कई जगह तंगहाल परिवारों को कुछ सहायता देकर कई माह तक बिना वेतन के काम लिया जा रहा है।
Updated on:
30 Jan 2018 10:30 am
Published on:
30 Jan 2018 10:27 am
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