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सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले विपक्ष की शर्मनाक हार, मुंह छिपाते रहे भाजपाई और खुशियां मनाते रहे कांग्रेसी

- विपक्ष को सिर्फ 16 वोट मिल सके। जबकि सभापति के पक्ष में 41 वोट मिले।
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कोरबा

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Shiv Singh

May 10, 2018

सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले विपक्ष की शर्मनाक हार, मुंह छिपाते रहे भाजपाई और खुशियां मनाते रहे कांग्रेसी

कोरबा . गुरुवार को नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति के अविश्वास प्रस्ताव पर हुए गुप्त मतदान में विपक्ष की शर्मनाक हार हुई। विपक्ष को सिर्फ १६ वोट मिल सके। जबकि सभापति के पक्ष में ४१ वोट मिले। सभापति धुरपाल सिंह कंवर ने अविश्वास प्रस्ताव को २५ वोटों से गिरा दिया।

गुरुवार को सुबह से ही साकेत परिसर में कलेक्टर मोहम्म्द अब्दुल केसर हक, आयुक्त रणबीर शर्मा, संयुक्त कलेक्टर एनसी नैरोजी, एसडीएम बीएस मरकाम, सीएसपी एस पैंकरा समेत अन्य अधिकारियों ने प्रक्रिया पूरी की। कुल ६१ वोट पड़े। इस हार से बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। अविश्वास प्रस्ताव बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए साख का विषय बन चुका था।

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नगर निगम में बीजेपी और निर्दलीय पार्षद मिलकर कांग्रेस के खिलाफ पिछले एक डेढ़ साल से रणनीति बनाने में जुटे हुए थे। बार-बार सत्ता पक्ष के खिलाफ आंदोलन किया गया। सत्ता पक्ष के पार्षद भी लंबे समय से संगठन से नाराज चल रहे थे। कुछ पार्षदों के कांग्रेस छोडऩे के बाद सत्ता पक्ष के पार्षदों के बीच काफी ज्यादा हलचल रही। ऐसे में सभापति धुरपाल सिंह कंवर के खिलाफ अविश्वास को पास कराना बहुत बड़ी चुनौती थी। हालांकि विपक्ष के पास वोटों की संख्या भी काफी कम है। लेकिन वोटों की गणित बीजेपी के लिए गड़बड़ा गई। बीजेपी को विपक्षी पार्षदों के सिर्फ १६ वोट ही मिल सके, जबकि धुरपाल सिंह कंवर को ४१ वोट मिले। वहीं ४ वोट निरस्त हो गए।

वोटों की गणना करने के बाद कलेक्टर ने इसकी गिनती की। जीत के बाद कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल, महापौर रेणु अग्रवाल, सुरेन्द्र प्रताप जायसवाल सहित सभी कांग्रेसी पार्षद उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि कांगे्रस नगर निगम में सत्तारूढ़ दल है जबकि भाजपा विपक्ष में है। बीजेपी के इस करारी हार के बाद नेता प्रतिपक्ष सहित अन्य पार्षद हार का ठिकरा एक-दूसरे पर फोड़ते नजर आए। बीजेपी पार्षदों द्वारा की गई क्रास वोटिंग की निगम की गलियारे में चर्चा होती रही।

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