22 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CGBSE 2018 Topper : बेटी की पढ़ाई के लिए हर जरूरत का पूरा ख्याल रखती थी मां, इसलिए टॉपर…

परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद ये दोनों मेधावी विनीता व तुषार के साथ उनके पिता मृगेश पटेल और पीएल देवांगन कोरबा पत्रिका कार्यालय आए।

2 min read
Google source verification

कोरबा

image

Shiv Singh

May 10, 2018

बेटी की पढ़ाई के लिए हर जरूरत का पूरा ख्याल रखती थी मां, इसलिए टॉपर...

कोरबा . बेटी की पढ़ाई के लिए टीवी बंद कर दी गयी। उसकी पसंद का खाना भी बंद कर दिया और रात में जब पढ़ती थी तो उसकी मां जागती रहती थीं। उसकी हर जरुरत का पूरा ख्याल रखा और इसका सुखद परिणाम यह मिला कि बेटी विनीता ने सीजी बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में छठवीं रैंक हासिल कर ली।

यह कहना है कि सरस्वती शिशु मंदिर की छात्रा विनीता पटेल के पिता मृगेश पटेल का। विनीता ने छठवीं रैंक हासिल की है। इसी विद्यालय के छात्र तुषार देवांगन ने सातवीं और बारहवीं के शिवम् ने टॉप टेन में छठवीं रैंक हासिल की है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद ये दोनों मेधावी विनीता व तुषार के साथ उनके पिता मृगेश पटेल और पीएल देवांगन कोरबा पत्रिका कार्यालय आए।

Read More : पीलिया रोग से पीडि़त मरीजों के चिन्हांकन के बाद कलेक्टर ने ली इन अधिकारियों की बैठक, खबर में पढि़ए क्या दिए निर्देश...

साथ में थे सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य सूर्य कुमार पंाडेय। सफलता के मूलमंत्र पर चर्चा करते हुए विनीता ने कहा कि स्कूल से लेकर घर तक समय प्रबंधन, कुछ चुनिन्दा टॉपिक की पढ़ाई और शिक्षकों के मार्गदर्शन से सफलता मिली। तुषार देवांगन ने कहा कि सभी विषयों के नोट्स और कठिन सवालों पर शिक्षकों का मार्गदर्शन, घर में सभी के सहयोग से यह सफलता मिली। दोनों मेधावी आगे चलकर डाक्टर बनकर समाज सेवा करने का जज्बा रखते हैं।

बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में अभिभावकों के योगदान के बारे में पीएल देवांगन ने कहा कि बच्चों के पालकों की बड़ी भूमिका होती है। स्कूल में शिक्षक पढ़ाते हैं तो घर में अभिभावकों की जिम्मेदारी बनती है कि वे बच्चों को अनुकूल माहौल दें। उन्होंने कहा कि तुषार की सफलता का श्रेय उनकी मां संगीता देवांगन को अधिक है,क्योंकि सबसे अधिक उन्होंने तुषार का परीक्षा अवधि में ख्याल रखा।

निखारा जाता है स्कूली बच्चों को
सरस्वती शिशु मंदिर सीतामणी के प्राचार्य सूर्य कुमार पांडेय ने कहा कि उनके स्कूल में बच्चों की प्रतिभा को निखारा जाता है। प्रवेश के समय ही शिक्षक जान लेते हैं कि बच्चों का बौद्धिक व मानसिक स्तर कितना ऊंचा है? किस विषय में रुचि आदि। इसके बाद शिक्षक समॢपत भाव से बच्चों को पढ़ाते हैं। ऐसे शिक्षक विद्यार्थियों के चहेते बन गए हंै और जब विद्यार्थी शिक्षक और परिजन समन्वय के साथ मेहनत करते हैं तो सफलता मिलती है।