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जर्जर मकान, नोटिस के बाद भी कब्जाधारी मकान छोडऩे को तैयार नहीं, ईई ने कहा हादसा होता है तो हम जिम्मेदार नहीं

Dilapidated house: सीएसईबी के सौ से अधिक मकानों को तोडऩे के लिए कब्जाधारियों को छह माह पूर्व नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद भी कब्जाधारी मकान खाली करने का नाम नहीं ले रहे हैं। रोजाना एनएफ श्रेणी के मकानों के छज्जे गिर रहा हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

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जर्जर मकान, नोटिस के बाद भी कब्जाधारी मकान छोडऩे को तैयार नहीं, ईई ने कहा हादसा होता है तो हम जिम्मेदार नहीं

जर्जर मकान, नोटिस के बाद भी कब्जाधारी मकान छोडऩे को तैयार नहीं, ईई ने कहा हादसा होता है तो हम जिम्मेदार नहीं

कोरबा. सीएसईबी कॉलोनी पूर्व के एनएफ और सुपरएफ श्रेणी के मकानों की स्थिति बदहाल हो चुकी है कि अब मरम्मत के योग्य भी नहीं बचे है। लिहाजा ऐसे मकानों को अब खाली कराकर तोडऩे का निर्णय विभाग ने लिया है। पहले चरण में प्रबंधन द्वारा एनएफ के मकानों को तोडऩे का फैसला लिया है। सौ से अधिक मकानों को तोडऩे के लिए जुलाई में नोटिस जारी किया गया था। १५ दिन की मोहलत दी गई थी। उसके बाद भी अब तक कब्जाधारियों ने मकान खाली नहीं किया है।

इधर नोटिस देने के बाद विभाग ने भी पल्ला झाड़ लिया है। विभाग का कहना है कि अगर वे खाली नहीं करते हैं तो हादसा हो जाता है तो इसके जिम्मेदार वे ही होंगे। इधर लगातार मकानों का छज्जा गिर रहा है। मकानों के पिलर इतने कमजोर हो गए हैं कई जगह से दरारे सामने आ चुके हैं। एक ब्लॉक में 12-12 मकान है। दबाव अधिक बनने पर मकान गिर सकते हैं।

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खुद के कर्मियों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया
खुद के कर्मियों को सीएसईबी प्रबंधन द्वारा दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया था। 15 से 20 परिवार ऐसे थे जिनको बड़े मकान दिए गए हैं। जबकि कब्जाधारियों को उसी जगह पर छोड़ दिया गया है। कब्जाधारी मकान खाली करने को राजी नहीं है। जबकि विभाग का कहना है कि बारिश के बाद नवंबर में मकान खाली किए जाएंगे।

एनएफ के मकान जर्जर स्थिति में हो चुके हैं। उनकी मरम्मत अब नहीं की जा सकती। इसलिए मकानों को खाली कराने के लिए नोटिस जारी किया गया था। कब्जाधारी मकान खाली करने को राजी नहीं है। ऐसे में कुछ हादसा होता है तो हम जिम्मेदार नहीं होंगे। एचयू कुरैशी, कार्यपालन यंत्री, संभाग तीन, सिविल विभाग