कोरबा. घंटाघर स्थित चौपाटी में खानपान का शौक रखने वाले अलर्ट हो जाइए। चौपाटी का आइसक्रीम, वेज कवाब के साथ बादाम शेक और चिकन रेपर ग्रेवी भी जांच में सबस्टैंडर्ड मिला है। खाद्य एवं औषधि विभाग ने चौपाटी लिए कुल १५ सैंपल लिए जिसमेें ७ फेल हो गए। चौपाटी में गंदगी भी मिली। खाद्य सामग्रियों में उपयोग में लाई जा रही कलर बर्फ को विभाग ने फेंकवा दिया।
विभाग द्वारा फूड टेस्टिंग मोबाइल लैब से हर शहर में सैंपलिंग कराई जा रही है। मोबाइल लैब सोमवार को कोरबा पहुंची थी। पिछले तीन दिन से लगातार शहर के अलग-अलग हिस्सों में विभाग ने सैंपलिंग किया। अंतिम दिन विभाग घंटाघर स्थित चौपाटी पहुंचा। चौपाटी में १५ अलग-अलग खाद्य सामग्रियों की सैपलिंग ली गई। जांच में ७ सैंपल सबस्टैंडर्ड पाया गया। चौपाटी में फैली गंदगी को लेकर भी विभाग ने व्यवसायियों को निर्देश दिया। इसके आलावा अखाद्य बर्फ जिसमें नीला रंग मिला हुआ है उसका उपयोग खाने की चीजों मेें उपयोग में लाई जा रही थी। विभाग ने उसे भी फेंकवा दिया। गौरतलब है कि इससे पहले भी इस तरह शिकायतें सामने आ चुकी है। जांच में पुष्टि भी हो चुकी है। उसके बाद भी व्यापारी सबस्टैंडर्ड स्तर की चीजें परोस रहे हैं।
बांकीमोंगरा में २७ में से ९ सैंपल फेल
उपनगरीय क्षेत्र बांकीमोंगरा में भी विभाग ने बुधवार को सैंपल लिया। कुल २७ में से ९ सैंपल फेल हो गए। जिन प्रतिष्ठानों का सैंपल सबस्टैंडर्ड पाया गया है उसमें पीयूष डेली नीड्स का नमकीन सेव, एन जूस सेंटर का मैंगो जूस, श्रीराम आइसक्रीम का आइसक्रीम, रेबडी कृष्णा फास्ट फूड का बूंदी रायता और चिकन गे्रेवी, प्रकाश बेकरी का हल्दी व गरम मसाला, साइनी होटल का गुलाब जामुन व बजरंग जनरल स्टोर का मैंगो जैली भी सबस्टैंडर्ड पाया गया।
कटघोरा मेंं भी समोसा, लस्सी, इमली चटनी नहीं उतरे खरे
कटघोरा में विभाग ने ३३ जगह सैंपल लिए। इसमें से ८ सैंपल सबस्टैंडर्ड पाए गए। मुस्लिम खान जूस का बर्फ, विद्या पान सेंटर का चाय, विकास साहू नाश्ता सेंटर का समोसा, दीपका भोजनालय का चिकन करी, लक्ष्मीनारायण रेस्टारेंट का लस्सी, सांझा चुल्हा का रायता, बीकानेर स्वीट्स की इमली चटनी व कान्हा जूस सेंटर का बर्फ भी सैंपलिंग मेें खरे नहीं उतर सके।
मैराथन जांच में पूरे जिले की खुल गई पोल, वरना अब तक विभाग पीट रहा था अपनी पीठ
तीन दिन की मैराथन जांच से पूरे जिले में खान-पान के वस्तुओं की पोल खोल दी। अब तक अपना पीठ थपथपाने वाले खाद्य एवं औषधि विभाग के लिए बड़ी सीख है कि कोरबा शहर मेें सबस्टैंडर्ड वस्तुओं की सप्लाई हो रही है। लोग बीमार हो रहे है। लेकिन ठोस कार्रवाई एक पर भी नहीं।
