
Elephant Attack : खौफ ऐसा कि मकान के ऊपर तंबू लगाकर रात गुजार रहे ग्रामीण
कोरबा. एतमानगर वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत मड़ई के आश्रित ग्राम भूडूपानी, गोदवारी ,मातिन, पचरा, बाला, करगामार, घुमानीडाड, घोघरापारा, लोडीबहरा के ग्रामीण इन दिनों खासे दहशत में है। गांव में बने प्रधानमंत्री आवास की छतों में तंबू लगाकर ग्रामीण रात गुजारने को मजबूर हैं। ग्राम कोदवारी के बीरन सिंह बिंझवार ने बताया कि शाम होते हैं मोहल्ले के लोग प्रधानमंत्री आवास के छतों में समूह बनाकर छोटे बच्चों के साथ इस कड़ाके की ठंड में हाथियों के भय से छत में रात गुजार रहे हैं।
कई बार ऐसा वाक्या घटित हो चुका है जब हाथी नीचे बस्ती में घूमते रहते हैं और ग्रामीण छतों में दुबके हुए रहते हैं। अब तक पक्के मकान में रहने वाले ग्रामीण हाथी के हमले को लेकर निश्चिंत रहते थे, लेकिन पिछले साल कोरबा ब्लॉक में एक आंगनबाड़ी केन्द्र के अंदर सुरक्षित ठहराए गए दो लोगों को हाथी ने खिड़की तोड़कर सूंड़ से उठाकर कुचल दिया था। तब से ग्रामीण पक्के मकान में रहने को लेकर खतरा महसूस कर रहे हैं। यही वजह है इस ठंड में घर के ऊपर तंबू लगाकर ग्रामीण रतजगा करने को लेकर मजबूर हैं।
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आंगनबाड़ी मेें ताला, स्कूल में समय से पहले छुट्टी
हाथियों के उत्पात से वनांचल क्षेत्र के स्कूल आंगनबाड़ी मे ताला लटका हुआ है । ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षक स्कूल आते हैं किंतु समय से पहले हाथियों के भय के कारण स्कूल की छुट्टी कर दी जा रही है। ताकि समय से पहले बच्चे घर पहुंच सकें। इसकी वजह से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
बंगाल से पहुंची पांच सदस्यीय टीम
वन अधिकारियों ने बताया कि शासन द्वारा पश्चिम बंगाल से हाथी भगाने एवं ग्रामीणों के प्रशिक्षण के लिए पांच सदस्य टीम पहुंची हैै। जिनको मड़ई सर्किल में ठहराया गया है। टीम द्वारा ग्रामीणों के बीच जाकर हाथी भगाने के तरीके बताए जा रहे हैं। इसके बाद से वन विभाग की कर्मचारी एवं ग्रामीणों को राहत मिली है। इधर हाथियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संख्या अधिक होने की वजह से हाथियों पर निगरानी रखना मुश्किल हो रहा है।
Published on:
30 Jan 2020 11:14 am
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