
मछली पकडऩे के लिए जाल बिछाकर नदी किनारे बैठे थे दो ग्रामीण, पीछे मुड़कर देखा तो करीब आ रही थी मौत, फिर...
कोरबा. ग्रामीणों को लगा हाथियों (Elephant Attack) का झुंड वापस नहीं आएगा। दो मछुआरे जाल बिछाकर नदी के किनारे मछली पकडऩे बैठे हुए थे। इसी बीच पीछे से हाथियों का झुंड आ धमका। दोनों भाग पाते, इससे पहले ही हाथियों ने दोनों ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया। कई घंटों तक हाथियों ने गांव में तांडव मचाया। ग्रामीण दहशत की वजह से घर पर ही दुबके रहे। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची है। घटना ऐतमानगर क्षेत्र की प्रात: करीब पांच बजे की बताई जा रही है।
पिछले एक महीने से 30 हाथियों का झुंड एतमानगर रेंज के आसपास विचरण कर रहा था। कभी केंदई तो कभी पाथा, बांगो सहित अन्य क्षेत्र में उत्पात मचा चुका था। तीन दिन पहले ही हाथियों ने एतमानगर के समीप एक गांव में सिंचाई कर्मी को उठाकर पटक दिया था। गंभीर हालत मेें उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार अब भी जारी है। शुक्रवार की रात को भी हाथियों का झुंड इस रेंज के आसपास था। सरभोंका से लगे गांव मेंं हाथियों का झुंड शुक्रवार को पार हुआ था। गांव के दो ग्रामीणों को लगा कि अब झुंड वापस नहीं लौटेगा। दोनों मछली पकडऩे के लिए नदी किनारे जाल बिछाकर बैठे हुए थे।
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इसी बीच हाथियों की चिंघाड़ की आवाज आने लगी। देखते ही देखते झुंड के बीच दोनों ग्रामीण घिर गए। हाथियों ने दोनों को ही रौंद दिया। घटनास्थल पर ही दोनों ही दर्दनाक मौत हो गई। इसके बाद हाथियों ने जंगल से लगे कई मकानों को भी नुकसान पहुंचाया। हाथियों की वजह से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। वन विभाग मौके पर पहुंच गया है।
Published on:
14 Sept 2019 12:43 pm
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