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उदयपुर में तीन लोगों को रौंदने के बाद हाथी पहुंचे मोरगा, तीन घरों को तोड़कर धान खाए, ग्रामीणों को भी दौड़ाया

-पहली बार इस इलाके में हाथी आने से ग्रामीणों में मचा हड़कंप - वन विभाग ने क्षेत्र के 8 गांव में कराई मुनादी

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उदयपुर में तीन लोगों को रौंदने के बाद हाथी पहुंचे मोरगा, तीन घरों को तोड़कर धान खाए, ग्रामीणों को भी दौड़ाया

कोरबा/मोरगा. सरगुजा जिले के उदयपुर रेंज में पिछले सप्ताह तीन लोगों को रौंदने के बाद दो हाथी बुधवार की देर रात कोरबा जिले के मोरगा रेंज में घुस गए। यहां के सलिहापारी गांव में हाथियों ने घर तोड़कर धान खा गए। सुबह जब हाथी एक गांव से दूसरे गांव की ओर जा रहे थे। इसी बीच सड़क किनारे ग्रामीणों को भी दौड़ाया।

कोरबा जिले से सरगुजा जिले को जोडऩे वाले एनएच में सीमावर्ती गांव मोरगा से दो किलोमीटर दूर खोडखोरी से उचलंगा मार्ग को पार करते हुए हाथी सलिहापहरी गांव जा पहुंचे। रात लगभग ११ बजे जैसे ही हाथियों की चिंद्याड़ ग्रामीणों को सुनाई दी। ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। जिस वक्त हाथी बस्ती में घुसे, उस समय वहां बिजली गुल थी। सब अपने घर से बाहर निकलकर यहां-वहां भागने लगे। दो हाथी तीन ग्रामीण नीधू दास, संतन दास व सुखदेव के मकान को तोड़कर घर में रखे धान को खाए।

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ठिठुरती ठंड वाली रात को ग्रामीण डर की वजह से गांव नहीं जा पा रहे थे। सुबह होने के बाद जब वे भोर में घर लौटे तब घर टूटा हुआ था। इसके बाद हाथी सुबह जंगल की ओर थे। दोपहर में पास के ही गांव तक पहुंच मार्ग को पार करते हुए सिलरी गांव तक पहुंच गए थे। गांव में हाथी आता देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीण हो हल्ला करने लगे। हाथी भी बिदक गए। ग्रामीणों को जमकर दौड़ाया। एक घंटे तक गांव में आपाधापी की स्थिति रही।

कम उम्र के हाथी, फुर्तिले के साथ गुस्सैल भी
वन विभाग के डिप्टी रेंजर ए के मन्नेवार, बीट गार्ड बंजारे सहित अन्य हाथियों पर रात से नजर बनाएं रखे हुए हैं। इन्होनें बताया कि दोनों ही हाथियों की उम्र कम है। एक की ऊंचाई अधिक है तो दूसरे की कम है। फुर्तिले के साथ गुस्सैल मिजाज के दोनों हाथी जरा भी हल्ला से दौडऩे लगते हैं। इसलिए ग्रामीणों को हाथियों के आसपास जाने से मना किया जा रहा है।