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तीन साल में हाथियों ने वन विभाग को लगाया करोड़ का फटका, मुआवजा बांटने मेें वन विभाग के छूट रहे पसीने…

Elephant Attact : जहां लेमरू एलिफेंट रिजर्व बनना है, उसी क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान, हाथियों के उत्पात से ग्रामीण परेशान

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तीन साल में हाथियों ने वन विभाग को लगाया करोड़ का फटका, मुआवजा बांटने मेें वन विभाग के छूट रहे पसीने... तीन साल में हाथियों ने वन विभाग को लगाया साढ़े 7 करोड़ का फटका

तीन साल में हाथियों ने वन विभाग को लगाया करोड़ का फटका, मुआवजा बांटने मेें वन विभाग के छूट रहे पसीने... तीन साल में हाथियों ने वन विभाग को लगाया साढ़े 7 करोड़ का फटका

कोरबा. तीन साल में हाथियों के उत्पात से वन विभाग को साढ़े सात करोड़ रुपए से अधिक नुकसान हुआ है। जितनी राशि हाथियों के रहवास या सुरक्षा पर खर्च किया जा रहा है उससे अधिक राशि क्षतिपूर्ति बांटने में खर्च हो गई है। कोरबा वनमंडल में सबसे अधिक और कटघोरा वनमंडल मेें उत्पात कुछ कम है।
जिले में हाथियों का उत्पात सबसे अधिक 2017-18 से बढ़ा है। लेकिन पिछले तीन साल में हाथियों की संख्या बढऩे की वजह से फसल नुकसान के साथ-साथ जनहानि भी अधिक हुई है। एक तरफ वन विभाग द्वारा हाथियों के रहवास क्षेत्र को विकसित करने के नाम पर पिछले तीन साल में चेकडेम, तालाब के साथ कई कार्यों पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं, लेकिन इसका किसी तरह का लाभ नहीं मिल सका है। हर बार योजनाएं फेल हो रही है। यही वजह है कि मुआवजा बांटने मेें वन विभाग के पसीने छूट रहे हैं। फसल नुकसान, जनहानि, मकान तोडऩे सहित अन्य नुकसान पर अब तक साढ़े सात करोड़ का मुआवजा बंट चुका है। हालांकि एक राहत यह है कि वर्तमान वर्ष 2019-20 में हाथियों का उत्पात कुछ कम हुआ है। पिछले वर्षों की तुलना में इस साल फसल नुकसान भी कम हुआ है। हालांकि ये आंकड़े पिछले महीने तक की है। वित्तीय वर्ष में अभी चार माह शेष हैं। ऐसे मेें आंकड़े और भी बढ़ सकते हैं। वर्तमान में दोनों ही वनमंडल में हाथियों का उत्पात जारी है। अलग-अलग झुंड में हाथी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। दहशत के बीच किसान फसल कटाई करने भी खेतों की ओर किसान नहीं जा पा रहे हैं। कई जगह अधपके फसल की कटाई हो रही है।

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अब तक 10 हजार किसानों के फसल को रौंद चुके हैंं हाथी
अब तक हाथियों ने कुल 10 हजार से अधिक किसानों के फसल को रौंद चुके हैं। इनमें लगभग ढाई से तीन हजार किसान ऐसे हैं जिनकी फसल को हाथी हर साल रौंद रहे हैं। सबसे अधिक फसल नुकसान 2018-19 मेंं हुई थी। जबकि सबसे कम नुकसान इस वर्ष दर्ज की गई है। कोरबा वनमंडल में अधिक तो कटघोरा वनमंडल मेें कम नुकसान हुआ है।

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लेमरू एलीफेंट रिजर्व के प्रस्तावित दायरे में सबसे अधिक नुकसान
लेमरू एलीफेंट रिजर्व के लिए जिन क्षेत्रों को प्रस्तावित किया गया है, उन क्षेत्रों में ही हाथियों ने सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है। कोरबा, कटघोरा, सरगुजा, धरमजयगढ़ वनमंडल में अब तक हाथियों ने 16 हजार किसानों की फसल रौंद चुके हैं। इन्हीं प्रभावित क्षेत्रों के दायरे को मिलाकर एलीफेंट रिजर्व बनाया जाएगा। हालांकि अभी इसके लिए सर्वे जारी है। प्रभावित लोगों में इसे लेकर विरोध देखा जा रहा है।

हमारी पूरी कोशिश रहती है कि जनहानि ना हो, हाथी इस सीजन में फसल नुकसान करते हैं। जहां भी नुकसान होता है वहां निर्धारित दर के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है।
डीडी संत, डीएफओ, कटघोरा वनमंडल