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अब काजू की खेती से भी जुड़ रहे किसान, 500 एकड़ में हुई बंपर पैदावार

CG News: काजू का पौधे लगाने के लिए विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के किसान रूचि ले रहे हैं।

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अब काजू की खेती से भी जुड़ रहे किसान, 500 एकड़ में हुई बंपर पैदावार

अब काजू की खेती से भी जुड़ रहे किसान, 500 एकड़ में हुई बंपर पैदावार

कोरबा। CG News: काजू के पौधे लगाने के लिए विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के किसान रूचि ले रहे हैं। अभी तक इस ब्लॉक में काजू के पौधों की 500 बाड़ी तैयार की गई है। लगभग 500 एकड़ फैले बाड़ी में करीब साढ़े सात हजार पौधे लगाए गए हैं। यहां का मौसम काजू की खेती के अनुकूल होने से बंपर उत्पादन की संभावना जताई जा रही है।

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पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम बनवार में रहने वाले किसान विश्राम सिंह कंवर, सलमान सिंह, मंगल सिंह और राम अवध सिंह ने एक- एक एकड़ के खेत में काजू के पौधे लगाए है। पौधे लगाने के करीब तीन साल बाद फूल निकलते हैं। इस अवधि में किसानों ने काजू की बाड़ी में आम और अनार का पौधा भी लगाया है ताकि आय के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़े। इनको देखकर आसपास के किसान भी काजू की खेती में रूचि ले रहे हैं। इसके लिए संस्था जीबीवीएस किसानों की मदद कर रही है। काजू का बीज प्रदान कर रही है, ताकि बाजार से किसान को पौधे खरीदने की नौबत नहीं आए।

यहां बांगो बांध, लेकिन सिंचाई के साधन नहीं

विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा में ही हसदेव नदी पर मिनी माता हसदेव बांगो परियोजना स्थित है। हसदेव की पानी से जांजगीर चांपा और रायगढ़ जिले में फसल लहलहाती है। लेकिन भौगोलिक स्थिति ऐसी नहीं है कि इस बांध के पानी से पोड़ी उपरोड़ा किसान खेती बाड़ी नहीं कर सके हैं। पूरा ब्लॉक असिंचित है। यहां खेती बाड़ी बारिश के पानी पर निर्भर है। पहाड़ी इलाका और ढलान होने से खेतों में पानी नहीं ठहरता है। इससे धान की फसल भी नहीं होती है। इस स्थिति से निपटने के लिए यहां के किसान व्यापारिक फसल लेने के लिए आगे आ रहे हैं।

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इस साल करतला में लगभग 40 टन काजू का उत्पादन

इस साल करतला ब्लॉक में लगभग 40 टन काजू का उत्पादन किया गया है। फल से काजू को अलग करने के लिए किसानों ने खुद की काजू प्रोसेसिंग यूनिट लगाई गई है। यहां से सालाना लगभग 10 टन काजू को बाजार में भेजा जा रहा है। इस कार्य लिए करतला के किसानों ने रुरल मार्ट के नाम से काजू की पैकिंग की है। इसकी मांग कोरबा के साथ अन्य स्थानों से भी आ रही है।

प्रदेश में पॉवर हब के नाम से मशहूर कोरबा के किसान काजू की खेती में भी धाक जमाने को तैयार हैं। इसके लिए कोशिश जारी है। करतला में काजू का उत्पादन बड़े पैमाने पर शुरू होने के बाद पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के किसान भी काजू की बाड़ी लगाने के लिए सामने आए हैं। इस ब्लॉक में 500 एकड़ में काजू के पौधे लगाए हैं। इस साल 56 एकड़ की बाड़ी में लगाए गए पौधों में काजू के फूल निकल आए हैं। इससे किसान उत्साहित हैं।

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प्रति एकड़ में 60 पौधे

एक एकड़ जमीन पर काजू के लगभग 60 पौधे लगाए जाते हैं। रोपण के तीन चार साल बाद पौधों में फल आने लगते हैं। किसानों का कहना है कि पहली बार प्रत्येक पेड़ से पांच किलो काजू का फल जरुर निकलता है। यानी पहले साल में लगभग 300 किलो काजू फल किसान को मिलता है। पेड़ की शाखाओं में बढ़ोत्तरी के साथ साथ उत्पादन में भी वृद्धि होती है। बडे पेड़ से 40 से 50 किलो तक फल निकलता है।