
बालकोनगर. महिलाएं रचनात्मकता की प्रतिमूर्ति हैं। समाज में महिलाएं दूसरी महिलाओं को आगे बढऩे का प्रोत्साहन दें। महिलाओं को आगे बढऩे से कोई नहीं रोका सकता। ये उद्गार बालको के मुय कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक विकास शर्मा ने बालको आयोजित महिला सशक्तिकरण माह के समान समारोह में व्यक्त किए। कार्यक्रम एल्यूमिना कैंटीन में आयोजित हुआ।
शर्मा ने महिलाओं की संकल्प शक्ति का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाएं नदी के समान होती हैं जो अपना रास्ता खुद बना लेती हैं। उन्होंने बालको की उत्तरोत्तर प्रगति में महिला कार्यबल के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर ऊर्जा सह प्रबंधक स्तुति चंद्राकर ने महिला सशक्तिकरण माह के दौरान आयोजित प्रोत्साहन कार्यक्रमों के लिए प्रबंधन और महिला काउंसिल के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि बालको में महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का भरपूर अवसर दिया जाता है। कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ ही पुरुष सहकर्मियों की हरसंभव मदद मिलती है। वित्त विभाग की कनिष्ठ कार्यपालक श्रीमती वर्तिका मिल्टन ने कहा कि बालको में कार्य करने का वातावरण इतना बेहतरीन है जिससे महिला कर्मचारियों में स्वत: ही आत्मविश्वास का संचार हो जाता है। बालको में महिलाएं अपने आप को सुरक्षित महसूस करती हैं।
इस अवसर पर संयंत्र की कास्ट हाउस व पॉट लाइन टीम ने प्रहसनों की बेजोड़ प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। प्रहसन टीम की सदस्याओं ने उत्कृष्ट अभिनय के जरिए समाज और देश के विकास में सशक्त नारी की भूमिका से सभी को परिचित कराया।
विकास शर्मा, औद्योगिक स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पर्यावरण महाप्रबंधक कृष्णा व्ही. कुलकर्णी, फैब्रिकेशन एवं सर्विसेज प्रमुख पीएस तूर और 1200 मेगावॉट विद्युत संयंत्र प्रमुख आशुतोष द्विवेदी ने महिला सशक्तिकरण माह के दौरान आयोजित प्रहसन प्रस्तुति, 'वूमेन इन पावर चैंपियनशिपÓ, कविता व नारा लेखन, पोस्टर आदि स्पर्धाओं की विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
बालको अधिकारियों सोनाली शुक्ला, रेखा सिंह, प्रियंका सिंह, गजेंद्र सिंह राजावत, शुभदीप खान और आशीष कुमार वर्मा ने आयोजन में उत्कृष्ट योगदान दिया। बालको महिला काउंसिल की अध्यक्ष शुचिता शुभदीप खान ने आभार जताया। सचिव निमिषा सिंह ने कार्यक्रम संचालित किया।
Published on:
13 Apr 2018 08:01 pm
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