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कोरकोमा, बताती, बरपाली, जिल्गा समेत पांच कोल ब्लॉकों की होगी नीलामी

कर्मिशियल माइनिंग के तहत छत्तीसगढ़ के 19 कोल ब्लॉक की नीलामी होगी। प्रदेश के रायगढ़, कोरबा, बलरामपुर, सूरजपुर जिले में नए कोयला खदान खुलेंगे। ये पहली बार हो रहा है जब प्रदेश के एक साथ इतनी संख्या में कोल ब्लॉक नीलामी करने की प्रक्रिया शुरु की गई है।

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कोरकोमा, बताती, बरपाली, जिल्गा समेत पांच कोल ब्लॉकों की होगी नीलामी

कोरकोमा, बताती, बरपाली, जिल्गा समेत पांच कोल ब्लॉकों की होगी नीलामी

छत्तीसगढ़ के जिन कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए केन्द्र सरकार की एजेंसी एमएसटीसीई कामर्स ने शुक्रवार को सूचना जारी की है। इसमें कोरबा के बरपाली-करमीटिकरा, बताती- कोलगा ईस्ट, बताती-कोलगा नार्थ वेस्ट, जिल्गा बरपाली,कोरकोमा व रायगढ़ जिले के बायशी वेस्ट, गोरही-मंडलोई- अमलीडोंडा, गोरही- मंडलोई बिजना, जोबरो वेस्ट, जोबरो ईस्ट ,बलरामपुर के सोंदिया व सूरजपुर के तारा कोल ब्लॉक को शामिल किया गया है। इसके अलावा तेंदमुरी, सेंदुर, फतेहपुुर साउथ, करमगढ़ कोल ब्लॉक शामिल किए गए हैं। इन सभी कोल ब्लॉक में सभी ग्रेड का कोयला मौजूद है।

प्रदेश में 74191.46 मिलियन टन कोयले का भंडारभारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 74191.76 मिलियन टन कोयले के नए भंडार मिलने की पुष्टि हुई है। जो कि ओडिसा और झारखंड के बाद तीसरे ंनंबर पर सबसे अधिक है। नए भंडार मिलने के बाद से अब तक छठवें व सातवें दौर की नीलामी में कुल 26 कोल ब्लॉक को सूची में शामिल किया गया है। सात कोल ब्लॉक की नीलामी की प्रक्रिया पहले से चल रही है।
फॉरेस्ट एरिया व हाथी प्रभावित क्षेत्रजिन कोल ब्लॉक में कर्मिशियल माइनिंग शुरु करने की तैयारी है, वे घने वन क्षेत्र और हाथी प्रभावित क्षेत्र भी हैं। बरपाली-करमीटिकरा ब्लॉक 33 फीसदी वन क्षेत्र है, तारा में सबसे अधिक 81 फीसदी वन क्षेत्र, कोरकोमा में 43 फीसदी वन क्षेत्र, जोबरो ईस्ट व वेस्ट में आठ फीसदी वन क्षेत्र है।

कोयले के कुल भंडार के मामले में अभी छत्तीसगढ़ देश में तीसरे नंबर पर है, लेकिन नए कोल ब्लॉक में उत्पादन शुरु करने में प्रदेश पहले नंबर पर है। यही वजह है कि 2022-23 से लेकर 2025-26 तक देश में सबसे अधिक कोयले का उत्पादन छत्तीसगढ़ में होगा। 2025-26 तक 287.71 मिलियन टन कोयले का उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। दरअसल 2019 से 2021 के बीच तीन वर्षों में कुल 64 ब्लॉक की नीलामी हुई थी इसमें छत्तीसगढ़ के आठ खदान शामिल थे। इनमें से बारा, सुरसा, भास्करपारा और झिगाडोर को छोड़कर शेष जगह खनन शुरु हो चुका है