
चीतल का मांस पकाने वाले चार फरार ग्रामीणों को वन विभाग ने ऐसे किया गिरफ्तार
कोरबा. चीतल का मांस पकाने वाले चार ग्रामीणों को वन विभाग ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। चार दिन पूर्व पाली के चेपा में सड़क दुर्घटना के शिकार हुए चीतल का मांस वन अमले ने बरामद किया था, जिसे विभाग द्वारा जलाकर नष्ट कर दिया गया था। कोर्ट ने आरोपियों को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है। शुक्रवार को पाली रेंज के ग्राम चेपा के समीप सड़क पार कर रहे एक चीतल की भारी वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय कुछ ग्रामीणों ने चीतल के शव को उठाकर डोंगानाला के बेंवटखार मोहल्ले ले आए। गांव में मांस काटकर अपने खाने के लिए रखा हुआ था। इसी बीच वन अमले को सूचना मिल गई।
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रेंजर सहित अन्य अमले ने मौके पर दबिश दे दी। मौके पर कोई आरोपी तो नहीं मिला, लेकिन मांस का आधे से अधिक हिस्सा पेड़ पर लटका हुआ मिला था। पाली रेंजर यादव ने बताया कि वन विभाग ने अज्ञात लोगों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत धारा 9,50,51, 39 अ व ब का केस दर्ज कर आरोपियों की खोजबीन कर रही थी। सोमवार को वन अमले ने चार आरोपियों वीरसिंह गोंड़ 50 वर्ष, उमेश सिंह गोंड़ तेजपुर, चरणसिंह गोंड़ चेपा, धनुक सिंह गोंड़ गणेशपुर को गिरफ्तार कर लिया । चारों को न्यायिक मजिस्ट्रेट पाली के सामने पेश किया गया। आरोपियों ने जमानत के लिए आवेदन किया था। कोर्ट ने आवेदन निरस्त करते हुए १४ दिन के लिए जेल भेज दिया गया है।
चारों आरोपी भाग गए थे, दो दिन बाद लौटे और धरे गए
रेंजर प्रहलाद यादव ने बताया कि चारों ही आरोपी मामले के सामने आने के बाद भाग गए थे। वन अमले द्वारा दो दिन से चारों ही संदेहियों के घर पर निगरानी रखी जा रही थी। चारों जैसे ही वापस लौटे तो वन अमले ने पकड़ लिया। चारों से वन अमले ने अलग-अलग जगह बयान लिया। चारों ने अलग बयान दिया। बाद में कड़ाई से पूछताछ में अपराध करना स्वीकार किया। आरोपियों ने बताया कि तीन लोगों ने अपने हिस्से का मांस ले जा चुके थे। चौथे ने घर नहीं ले जा पाया था।
Published on:
28 Jan 2020 11:18 am
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