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एक ही परिवार की चार महिलाओं का सुहाग उजाड़ दिया सड़क हादसों नें, जहां कभी रहती थी रौनक अब छाई रहती है वीरानी

तीन साल में 656 लोगों की मौत का कारण सिर्फ सड़क हादसे

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कोरबा

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Shiv Singh

Apr 30, 2018

तीन साल में 656 लोगों की मौत का कारण सिर्फ सड़क हादसे

तीन साल में 656 लोगों की मौत का कारण सिर्फ सड़क हादसे

कोरबा . ऊर्जाधानी की सड़कें दुर्घटनाओं के लिए कितनी खतरनाक हैं, आंकड़े खुद इसकी कहानी बयां करती है। 2015, 2016 और 2017 में जिले में कुल 656 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

तीन साल में 656 लोगों की मौत का कारण सिर्फ सड़क हादसे हैं। आंकड़ों के अनुसार हर डेढ़ दिन में कोई न कोई जिले की सड़कों पर सफर करते हुए स्वर्गवासी हो जाता है।

जितने लोग हर हाल आतंकवादी हमलों में नहीं मरते, उससे कहीं ज्यादा सड़क हादसों में अपनी जान गंवा देते हैं। हादसों से पूरा परिवार बिखर सा जाता है। रह जाती हैं तो सिर्फ यादें। परिजन कभी मुआवजे के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटते हैं, तो कई बार निजी वाहन मालिकों के। सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत पत्रिका ने सड़क हादसों का दर्द झेल रहे ऐसे कुछ परिवारों से पीड़ा जानने का प्रयास किया।


केस-1
सड़क हादसों का दंश कितना गहरा हो सकता है। इसका एहसास करना हो तो दादर गांव के पटेल परिवार के किसी सदस्य से पूछिए। दो सितंबर 2016 की रात यह परिवार आज तक नहीं भूला है। इसी रात एक सड़क हादसे में परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई थी।


घर के आंगन से एक साथ चार अर्थियां उठीं। मातम का वह महौल अब भी घर के आंगन से विदा नहीं हुआ है। इस हादसे ने परिवार को ऐसा दर्द दिया कि हर सुनने वाला आज भी सिहर उठता है। अब परिवार में इस परिवार में चार महिलाओं के सुहाग सड़क हादसों ने उजाड़ दिए हैं।

जहां कभी रौनक हुआ करती थी, वहां अब वीरानी छाई रहती है। ऊर्जाधानी को औद्योगिक जिले का तमगा तो हासिल है लेकिन इस तमगे की कीमत यहां के निवासी हर दिन सड़क हादसों में अपनी जान देकर चुका रहे हैं। शहर के समीप स्थित दादर के जलिंधर पटेल बताते हंै कि दो सितंबर 2016 की वह काली रात मैं कभी नहीं भूल सकता।

रात के 11:30 बजे मेरे मोबाईल में फोन आया और पता चला कि पिता सहित परिजन जिस वाहन से वापस आ रहे थे, मड़वारानी के समीप उसका एक्सीडेंट हो गया। बदहवास हम वहां पहुंचे तो पता चला कि हादसे में पिता रामाधार पटेल, चाचा रामदास पटेल, बहनोई जीवनलाल के साथ 15 साल की बहन रोशनी की मौत हो चुकी है। हादसे में वाहन चालक की भी मृत्यु हो गई थी। इस हादसे के दो साल पूर्व जनवरी 2014 में चाचा छोटेलाल पटेल की भी सड़क हादसे में ही जान चली गई थी।


केस-2
इसी सप्ताह बालको नगर से बारात से लौटते समय रात में बाइक की तेज रफ्तार तीन दोस्तों पर भारी पड़ गई। आगे चल रही ट्रेलर ने ब्रेकर पर जैसे ही ब्रेक लगाई। पीछे आ रही युवकों की बाइक सीधे ट्रेलर में जा घुसी। तीनों को जिला चिकित्सालय लाया गया। जहां चिकित्सकों ने बाइक चला रहे युवक को मृत घोषित कर दिया।