
Breaking: एशिया की नामी खदानों में से एक दीपका कोल माइंस में घुसने लगा लीलागर नदी का पानी, डूबने लगी मशीनें, देखिए वीडियो...
कोरबा. जिले में हो रही भारी बारिश से नदी नाले उफान पर हैं। हसदेव की सहायक नदी लीलागर (Lilagar river) के प्रवाह की धारा बदल गई है। नदी का पानी दीपका खदान (Dipka Coal Mines) में घुसने लगा है। खदान में जल स्तर बढऩे लगा है, भारी मशीनें डूबने लगी है। खदान में फंसे मजदूरों को बाहर निकाले का काम पूरा कर लिया गया है। खदान में लोगों के घुसने पर रोक लगा दी गई है। खदान के बाहर सुरक्षा बल को तैनात किया गया है। दीपका खदान से साइलो तक कोयले परिवहन के लिए लगाए गए तीन कन्वेयर बेल्ट डूब गए हैं।
पिछले तीन दिन से कोरबा में लगातार बारिश हो रही है। इससे जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पहाड़ी इलाकों भी लगातार बारिश होने से लीलागर नदी में जलस्तर बढ़ गया है। रविवार दोपहर बाद लीलागर नदी के प्रवाह की धारा बदल गई। नदी का पानी चैनपुर के पास से दीपका खदान की ओर जाना शुरू हो गया है। सूर्य ढलने से पहले लीलागर का पानी दीपका खदान में घुसने लगा। प्रबंधन ने कोयला खदान से मजदूरों को बाहर निकाल लिया है। सावेल जैसी बड़ी मशीनों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए कोशिश जारी है। खदान में लगे तीन कन्वेयर बेल्ट और मोटर पानी में डूब गए हैं। इससे कन्वेयर बेल्ट को बंद कर दिया गया है। दीपका खदान में कोयला खनन ठप हो गया है। कॉलोनी में भी पानी भरा हुआ है। पानी तेजी से खदान में घुस रहा है। इसे रोकने के लिए अभी तक किए सभी प्रयास असफल रहे हैं। सूचना मिलते जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रबंधन से घटना की जानकारी ली।
मारुति पॉवर के राखड़ डेम का तटबंध टूटा
बारिश से मारुति पॉवर के राखड़ डेम का तटबंध टूट गया है। इससे डेम का राखड़ नाले में गिर रह है। इसे रोकने की कोशिश जारी है।
Updated on:
29 Sep 2019, 8:00 PM IST
Published on:
29 Sep 2019, 7:54 PM IST
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