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#तीन घंटे में 100 एमएम बारिश इन इलाकों के लिए लेकर आई आफत कई घरों के बाउंड्रीवाल भी ढहे

निकासी की व्यवस्था नहीं, रात को पानी से बचने के लिए परेशान होते रहे लोग

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कोरबा

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Shiv Singh

Jul 21, 2018

निकासी की व्यवस्था नहीं, रात को पानी से बचने के लिए परेशान होते रहे लोग

#तीन घंटे में 100 एमएम बारिश इन इलाकों के लिए लेकर आई आफत कई घरों के बाउंड्रीवाल भी ढहे

कोरबा. शुक्रवार की रात लगभग साढ़े 11 बजे शुरू हुई बारिश तीन घंटे बाद जाकर थमी। लगभग 100 एमएम बारिश ने शहर के कई बस्तियों में कहर बरपाया। पथर्रीपारा, बुधवारी बस्ती सहित कई जगह घरों के अंदर पानी घुस गया। देखते ही देखते मकान के दीवार तो वहीं बाउंड्रीवाल ढह गया।

राहत कार्य के लिए लोग आपदा प्रबंधन दफ्तर में लोग फोन करते रहे, लेकिन किसी ने उठाया ही नहीं। लोगों में इसके लिए नाराजगी भी देखी गई।


दिन भर तेजधूप के बाद अचानक रात को तेज गर्जना के साथ हुई बारिश से शहर की हर मुख्य सड़क के साथ निचले इलाके में पानी भर गया। पथरीपारा बस्ती में बारिश ने सबसे अधिक कहर बरपाया। बस्ती में रहने वाले नंदलाल के घर में तीन फीट तक पानी भर गया था। जिससे घर की दीवार में के्रेक आ गया। तो वहीं पुनीता सारथी के घर की दीवार भरभराकर गिर गयी। जिस समय दीवार गिरी, उस समय परिवार दूसरे कमरे में था।

इसलिए किसी को चोट नहीं लगी। इसी तरह विनोद रजक की 15 फीट लंबी बाउंड्रीवाल ढह गई। हेमबाई सारथी के मकान का एक हिस्सा गिर गया। इसके अलावा दर्जन भर से ज्यादा लोगों के घर मेें पानी घुसने से जरूरी सामान खराब हो गए। इसी तरह बुधवारी बस्ती में भी निचले इलाकों में पानी निकासी नहीं होने से कई घरों में पानी घुस गया। देर रात लोगों में हड़कंप मच गया। पानी बाहर निकालने के लिए लोग परेशान होते रहे। चिमनीभटठ बस्ती में भी पानी भरने लगा था हालांकि ज्यादा पानी नहीं भरने से लोगों ने राहत की सांस ली।

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प्रमुख सड़कें रात को हुई जलमग्न
रात को लगभग डेढ़ बजे के बाद बारिश थमी। महज तीन घंटे की झड़ी में घंटाघर से बुधवारी चौक तक की सड़क पर डिवाइडर की ऊंचाई जितना पानी भर गया। इसी तरह कोसाबाड़ी चौक पर डेढ़ फीट तक पानी भर गया। मंगलम विहार से पोड़ीबहार जाने वाले मार्ग पर तीन फीट तक पानी भर गया। वनविभाग कार्यालय से चर्च की ओर जाने वाले मार्ग पर भी सड़क के ऊपर पानी भर गया। इसी तरह सुनालिया चौक से लेकर ओवरब्रिज तक सड़क पर पानी भर रहा। अगर बारिश नहीं थमती, तो पिछले साल हुए जलभराव की समस्या कोरबावासियों को झेलनी पड़ सकती थी।


कहीं नाला नहीं बना, जहां बना वहां लोगों ने कब्जा कर लिया
जलभराव समस्या के पीछे कई जगह नाले का नहीं बनना है। दरअसल कोसाबाड़ी में नाला प्रस्तावित है लेकिन अब तक इसका निर्माण किया नहीं किया गया है। पिछले साल जब यह समस्या आई थी तो जल्द निर्माण की बात कही गई थी।

लेकिन अब अधिकारी भूल गए। इसी तरह पथर्रीपारा में जहां नाला बनाया गया है उसके ड्राइंग-डिजाइन ऐसा है कि वह काफी संकरा है। पानी का बहाव के लिए जगह नहीं है। इसी तरह 15 ब्लॉक में नाली पर ही बस्ती के कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया। जिससे पानी नहीं बह पा रहा है।