जिले में भी एसईसीएल की खदानें उत्पादनरत हैं। कई पुरानी खदानें बंद हो चुकी है। रजगामार, सुराकछार के अधीन संचालित पुरानी खदानों को बंद किया गया है। बांकीमोंगरा की पांच व छह नंबर खदान अभी हाल ही में बंद की गई है। कोल इंडिया का ऐसा मानना है कि कम कोयला उत्पादन वाली खदानों का संचालन करने से कंपनी को आर्थिक नुकसान हो रहा है। ऐसी खदानों को बंद करके नई खदान खोलना ज्यादा अच्छा है। पुरानी खदानों में पदस्थ कर्मचारियों को दूसरी खदानों में भेजा जाएगा।