
राशन
कोरबा . पीडीएस दुकान संचालकों पर खाद्य विभाग की मॉनिटरिंंग पिछले कुछ माह से ढीली पड़ी हुई है। इसी का फायदा संचालकों द्वारा उठाया जा रहा है। खासकर ऑफलाइन से लेकर ऑनलाइन एंट्री के खेल में राशन की हेराफेरी की जा रही है। हितग्राहियों का राशन बाहर बेचा जा रहा है। गौरतलब है कि साडा कॉलोनी के पीडीएस दुकान संचालक द्वारा थोक में १० बोरा चावल बाहर खपाया जा रहा था। जिसे पुलिस ने शनिवार को पकड़कर जेल भेज दिया है।
पिछले कई माह से वह चावल के साथ अन्य सामग्री बेचने का काम कर रहा था। सबसे गंभीर बात यह है कि कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बाद भी समान के रिकार्ड की जानकारी अधिकारियों तक कैसे नहीं पहुंच सकी। जब कोर पीडीएस शुरू होने के बाद एक-एक किलो चावल का रिकार्ड दुकान संचालक को हर दिन देना होता है। दरअसल ऑनलाइन से लेकर ऑफलाइन एंट्री में दुकान संचालकों द्वारा जमकर हेराफेरी की जाती है। सिस्टम खराब होना या फिर इंटरनेट नहीं होना का बहाना बनाकर ऑफलाइन एंट्री की जाती है। ऑफलाइन एंट्री में हितग्राहियों के रिकार्ड में गड़बड़ी कर राशन बेच दिया जाता है। इससे पहले भी ऑफलाइन एंट्री करने वाले पीडीएस दुकान सीतामणी व मुड़ापार को पकड़ा गया था।
मिट्टी तेल की हेराफेरी करते हुए पुलिस ने संचालक को जेल भेजा था। वहीं कुछ महीने पूर्व जिले के जिल्गा, अरसेना, कथरीमाल, बडग़ांव में स्टॉक और वितरण का निरीक्षण किया गया था। इसमें सभी जगह कमी मिली थी। एसडीएम ने तीन दुकान को सस्पेंड कर एक दुकान पर पौने तीन लाख की वसूली आदेश भी जारी किया था।
गौरतलब है कि ऐसी दुकानें जिनका संचालन ग्राम पंचायत या फिर सरपंचों द्वारा किया जा रहा है उनमें अधिकांश जगह कहीं बिजली की आपूर्ति नहीं हो रही है तो कुछ जगह इंटरनेट की सुविधा ही नहीं है। इसी का फायदा संचालक उठा रहे हैं। सरकार से इन दुकानों को टेबलेट तो मिला है पर ऑफ लाइन होने की वजह से विभाग को जानकारी दी जाती है कि मैन्यूअल तरीके से रिकार्ड रखा जा रहा है। यहीं पर इनके द्वारा गड़बड़ी की जाती है। कितना राशन आया, और कितना वितरण हुआ इसकी जानकारी सिर्फ संचालक को होती है। ऑनलाइन नहीं होने से अफसरों को नहीं पता चल पाता। खाद्य अमला नियमित तौर पर नहीं पहुंच पाता, और महीनों तक गड़बड़ी चलती रहती है। हितग्राही शिकायत करते रहते हैं पर सुनवाई नहीं होती।
जांच में एक और मामला सामने आया है कि प्रत्येक महीने की सात तारीख को चावल उत्सव नहीं मनाया जा रहा है। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश है कि इस दिन अधिक से अधिक लोगों को चावल दिया जाय और इसकी जानकारी ऑनलाइन एंट्री की जाए कई जगह तो इसी दिन दुकानों में ताला लटका रहता है। दुकानों में भी सार्वजनिक तौर पर राशन की मात्रा व आवंटन की जानकारी देने की बात है लेकिन अधिकारियों का संरक्षण होने के कारण संचालक इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। इसके अलावा दुकान के सामने मौजूदा स्टॉक व कीमत की भी जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए।
हितग्राहियों की स्थिति
विकासखंड- हितग्राहियों की संख्या
कोरबा ग्रामीण- ३७७३३
करतला ग्रामीण- ३६८४६
कटघोरा ग्रामीण- २१६९१
पाली ग्रामीण- ४५२५४
पोडीउपरोड़ा ग्रामीण- ४५०५३
पाली शहरी क्षेत्र- ४५
छुरीकला- ४९०
कटघोरा शहरी- ८१३
दीपका शहरी- ११७
कोरबा शहरी- ५०१९३
- जहां भी इस तरह की गड़बड़ी सामने आ रही है वहां इंटरनेट नहीं होने की वजह से ऑफलाइन एंट्री की जा रही है। जांच में जहां भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं उस पर कार्रवाई की जा रही है- एच मसीह, जिला खाद्य अधिकारी, कोरबा
Updated on:
16 Jul 2018 10:45 am
Published on:
16 Jul 2018 10:44 am
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