
इस गंभीर मसले पर यूनियन की राय जानने 28 अगस्त को दिल्ली में बैठक, जानें किस बात पर होगी चर्चा
कोरबा. अंडर ग्राउंड खदानों में महिलाओं से पुरुषों के सामान ड्यूटी ली जाए या नहीं। इस पर राय व चर्चा शुरू हो गई है। खान सुरक्षा महानिदेशालय ने इस गंभीर और संवेदनशील मसले पर यूनियन की राय जानने के लिए २८ अगस्त को दिल्ली में एक बैठक आयोजित की है। यूनियन खदान में महिलाओं से काम लेने के पक्ष में हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जता रहे हैं।
खान सुरक्षा महानिदेशालय के कायदे कानून के अनुसार अंडर ग्राउंड खदानों में सूर्यास्त से सूर्योदय तक महिलाओं से ड्यूटी लेने की मनाही है। यह एक्ट १९५२ से खदानों में प्रभावी है। 65 साल में परिस्थितियां बदल गईं हैं। महिलाएं पुरुषों के समान कंधा से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। महिलाओं से खदान में काम लेने की मांग भी जोर पकड़ रही है। इसे लेकर खान सुरक्षा महानिदेशालय गंभीर हो गया है। डीजीएमएस ने २८ अगस्त को दिल्ली में एक बैठक बुलाई है। इसमें यूनियन के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। उनकी राय जानने के बाद एक्ट में संशोधन करने या नहीं करने का प्रस्ताव सरकार को भेजी जाएगी। डीजीएमएस के प्रस्ताव का यूनियन ने विरोध तो नहीं किया है, लेकिन उनकी चिंताएं भी है।
यूनियन का कहना है कि खदान में काम करने से ज्यादा जरूरी महिलाओं की सुरक्षा है। हाल में डब्ल्यूसीएल में एक महिला कर्मी से दुष्कर्म की घटना हुई है। इसे लेकर यूनियन चिंतित हैं। बीएमएस नेता बैजेन्द्र कुमार ने कोल इंडिया को पत्र लिखकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।
कार्यालय में काम कर रही हैं महिलाएं
कोल इंडिया के अधीन नियोजित महिला कर्मी से कंपनी वर्तमान में दफ्तर में काम लेती है। महिला कर्मी कंपनी में कार्मिक प्रबंधक से लेकर अकाउंट सेक्शन तक में काम करती हैं। उनसे खदान में काम नहीं लिया जाता है।
Published on:
27 Aug 2018 11:12 am
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